महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान।
अनिवार्यता न होने से पैदा हुआ संशय
आदेश में आरटीपीसीआर की 72 घंटे की रिपोर्ट की अनिवार्यता नहीं की गई है। ऐसे में यह सवाल बना हुआ है कि रिपोर्ट न होने पर क्या होगा। अधिकारियों के मुताबिक आदेश में संबंधित जिला प्रशासन को रैंडम चैकिंग और टेस्टिंग के लिए कहा गया है। अगर किसी के पास रिपोर्ट नहीं है तो प्रशासन एंटीजन से लेकर आरटीपीसीआर परीक्षण करा सकता है और पॉजिटिव आने पर संगत नियमों के तहत कार्यवाही की जा सकती है।
महाकुंभ के लिए अनिवार्य है निगेटिव रिपोर्ट
इस आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि हरिद्वार महाकुंभ के लिए आने वालों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा और 72 घंटे की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट साथ रखनी होगी। मंगलवार को जारी किए गए आदेेश में महाकुंभ के लिए जारी मानक प्रचालन प्रक्रिया को भी जारी रखा गया है।
अंतरराज्यीय परिवहन पर कोई रोक नहीं
प्रदेश सरकार ने राज्य में जिलों के बीच और राज्य से अन्य राज्यों के बीच परीवहन पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया है।
शुरू के दौर को देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से अधिक सख्ती नहीं बरती जा रही है। बाद में अगर मामले बढ़ते हैं तो रिपोर्ट न लाने वालों को वापस किया जाएगा। अभी स्थिति पर निगाह रखी जा रही है।
-ओम प्रकाश, मुख्य सचिव उत्तराखंड