देहरादून जिले के लिए यह राहतभरी खबर है। दून एक्टिव केस के मामले में प्रदेश के मैदानी इलाकों में तीसरे से अब चौथे पायदान पर पहुंच गया है। वहीं जिले में कोरोना संक्रमण का डबलिंग रेट भी 19 दिन से बढ़कर अब 30 दिन हो गया है। बता दें कि प्रदेश में सर्वाधिक 36,731 कोरोना टेस्ट दून के लोगों के हुए हैं।
कोरोना संक्रमण को लेकर प्रदेश के मैदानी जिलों में दून की स्थिति में सुधार हुआ है। जिले में मौजूदा समय में 394 एक्टिव केस हैं। जबकि नैनीताल में 508, ऊधमसिंह नगर में 809 और हरिद्वार जिले में 926 एक्टिव केस हैं। दून में सबसे अधिक 36731 कोरोना टेस्ट हुए हैं। जो कि प्रदेश में सबसे ज्यादा हैं।
हरिद्वार में 25522, ऊधमसिंह नगर में 24282 और नैनीताल में 10341 कोरोना टेस्ट हुए हैं। मौजूदा समय में दून में कोरोना मरीजों का डबलिंग रेट अब पहले से बेहतर हुआ है। पहले कोरोना मरीज जिले में 19 दिन में डबल हो रहे थे, लेकिन अब 30 दिन में दोगुने हो रहे हैं। जबकि 25 जुलाई को दून प्रदेश में तीसरे स्थान पर था।
देहरादून के डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर जिले में विभिन्न स्तरों पर एक्टिव सर्विलांस के लिए तीन कॉल सेंटर बनाए गए थे। जिसके जरिए आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ही सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की गई। यह सर्विलांस कर अपनी रिपोर्ट सीधे जिलाधिकारी को देते हैं।
इसके अलावा होम क्वारंटीन किए गए लोगों के स्वास्थ्य आदि की जानकारी, कोविड-19 से ठीक होकर घर लौटें लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ ही को-मोर्बिडिटी अवस्था वाले लोगों से फोन पर संपर्क कर स्वास्थ्य जानकारी भी ली जा रही है। इस व्यवस्था से भी प्रशासन को कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिली।
लोगों की सतर्कता के चलते दून में स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन के साथ ही पुलिस और स्वास्थ्य महकमा भी एक्टिव है। मैदानी इलाकों में दून चौथे पायदान पर मौजूद हैं। जिले में क्वारंटीन, मॉनीटरिंग से लेकर उपचार तक की बेहतर व्यवस्था बनाई गई है। इसी का नतीजा है कि मामले कम हो रहे हैं। कोरोना संक्रमितों के सही होने की दर तेजी से बढ़ रही है।
-डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी