कोविड-19 के मामले बढ़ने के बीच अस्पतालों में संसाधन बढ़ने का फायदा मरीजों को मिल सकता है। कोरोना की शुरुआत से अब तक अस्पतालों में आईसीयू बेड, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सप्लाई जैसी सुविधाओं में काफी अधिक बढ़ोतरी हुई है। अकेले कोविड-19 अस्पताल में आईसीयू बेड की संख्या पांच से बढ़ाकर 100 हो चुकी है।
जबकि सामान्य ऑक्सीजन बेड भी 400 तक हो गए हैं। इससे डॉक्टरों को भरोसा है कि सर्दियों में मामले बढ़ने पर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना भी तैयारियां बेहतर होने का दावा कर रहे हैं।
लक्षण दिखे तो जरूर कराएं जांच
दून मेडिकल कॉलेज में टीबी एंड चेस्ट रोग विभागाध्यक्ष व कोविड-19 के नोडल अफसर डॉ. अनुराग अग्रवाल के अनुसार सर्दियों में शरीर का बचाव करना बेहद जरूरी है। विशेषकर गंभीर रोगी, जिन्हें पहले से सांस, फेफड़े, हार्ट, किडनी, डायबिटीज जैसी समस्या है, उनको विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस दौरान किसी भी स्थिति में दवाई या वैक्सीन न छोड़ें। सामान्य खांसी, जुकाम, बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह से दवा लें। अगर एक या दो दिन में आराम न मिले तो कोविड अस्पताल जाकर जांच जरूर कराएं।
लक्षणों से पहचान करना मुश्किल
डॉ. अनुराग अग्रवाल के अनुसार सामान्य सर्दी, जुकाम, बुखार और कोरोना में अंतर कर पाना काफी मुश्किल है। सामान्य तौर पर कोरोना के भी यही लक्षण होते हैं। हालांकि ठंड से होने वाली खांसी में बलगम बहुत अधिक निकलता है, जबकि कोरोना के दौरान ज्यादातर सूखी खांसी हो रही है। इसलिए सर्दी, जुकाम, बुखार होने की होने पर भी डॉक्टर की सलाह से दवा लेना बेहद जरूरी है।