कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आईसीएमआर की गाइडलाइन के आधार पर कोरोना सैंपल की जांच की जाती है। किसी मंत्री, विधायक, दायित्वधारी व सचिव के कहने से सैंपल की जांच नहीं होगी। हाई रिस्क, कोरोना वायरस के संदिग्ध लक्षण या परिवार के किसी सदस्य के पॉजिटिव पाए जाने पर ही सैंपल की जांच की जाएगी।
आईआईपी लैब से आएगी 50 सैंपलों की जांच रिपोर्ट
आईआईपी के निदेशक अंजन राय ने लैब का शुुुभारंभ किया। राय ने बताया कि कोविड जांच के लिए बीएसएल-2 प्लस लैब एक महत्वपूर्ण इकाई है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में लैब में रोज 50 सैंपल की जांच की जाएगी। एक सप्ताह के बाद प्रतिदिन 100 सैंपल की जांच होगी। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि प्रदेश में एक और सरकारी लैब शुरू होने से जांच में तेजी आने के साथ अन्य लैबों पर टेस्टिंग का दबाव कम होगा।
उन्होंने कहा कि लैब कोरोना के अलावा अन्य संचारी रोग डेंगू, एच1एन1 और अन्य विषाणु जनित रोगों की जांच के लिए उपयोगी होगी। इस मौके पर आईआईपी के वैज्ञानिक डॉ. देवाशीष, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य विभाग डॉ.अर्जुन सिंह सैैंगर, राज्य नोडल अधिकारी डॉ.पंकज कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।