फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड में कोरोना : हरिद्वार में तेजी से बढ़ रहा कोरोना संक्रमण, नहीं है रेमडेसिविर की एक भी वॉयल

Fri, 16 Apr 2021 02:45 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

केंद्र सरकार और नैनीताल हाईकोर्ट दोनों महाकुंभ के दौरान कोविड संक्रमण के बड़े स्तर पर फैलाव को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमितों के इलाज में बड़ी बाधा - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दून के बाद हरिद्वार से भी जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमडेसिविर गायब है। इससे कोरोना संक्रमितों के इलाज में बड़ी बाधा आ रही है। अधिकृत कोविड अस्पतालों में भी इंजेक्शन नहीं हैं। वहीं तमाम मेडिकल स्टोर संचालक भी रेमडेसिविर का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात कह रहे हैं।

विज्ञापन


हरिद्वार : अखाड़ों द्वारा कुंभ समापन की घोषणा से बैरागी संत नाराज, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- अपनी अवधि तक चलेगा मेला

हरिद्वार में कोविड की दूसरी लहर के बीच कुंभ मेले का आयोजन हो रहा है। केंद्र सरकार और नैनीताल हाईकोर्ट दोनों महाकुंभ के दौरान कोविड संक्रमण के बड़े स्तर पर फैलाव को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं। हाईकोर्ट ने संक्रमण नियंत्रण से जुड़ी पुख्ता व्यवस्था के लिए सरकार और मेला प्रशासन को आदेश भी जारी किए थे। इसके बावजूद बड़ी चूक सामने आई है।
विज्ञापन


कोरोना की दूसरी लहर: उत्तराखंड में हर डेढ़ मिनट में मिल रहा एक संक्रमित, कुंभ से बेहद खतरनाक हो सकते हैं हालात

गंभीर कोविड संक्रमितों को रेमडेसिविर का इंजेक्शन लगाया जाता है। चिकित्सकों के अनुसार एक मरीज को छह वॉयल का कोर्स पूरा करना पड़ता है। बहरहाल महाकुंभ मेले के आयोजन पर सरकार ने करोड़ों का बजट खपा दिया है, लेकिन जीवनदायी इंजेक्शन की उपलब्धता पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अधिकृत कोविड अस्पताल और जिला अस्पताल में रेमडेसिविर की एक वॉयल तक नहीं है। ऐसे में इमरजेंसी में रेमडेसिविर इंजेक्शन न मिलने पर संक्रमित को हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। 

विज्ञापन

पहले एक्सपायर हुए अब नहीं मिल रहे इंजेक्शन

हरिद्वार केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव अनिल अरोड़ा ने बताया कोविड की पहली लहर के दौरान मेडिकल स्टोर संचालकों ने भारी मात्रा में रेमडेसिविर इंजेक्शन मंगाए गए थे। इन इंजेक्शन की एक्सपायरी केवल तीन माह की होती है। तब इंजेक्शन की डिमांड न के बराबर थी। इंजेक्शन एक्सपायर होने के चलते मेडिकल स्टोर संचालकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। इसके बाद कंपनियों ने इंजेक्शन का निर्माण कम कर दिया। अब एक फिर कोविड की दूसरी लहर के बीच इंजेक्शन की मांग बड़ी है। 

दिल्ली और यूपी से आ रहे फोन

रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए दिल्ली और यूपी से स्थानीय लोगों के रिश्तेदरों के फोन आ रहे हैं। लोग स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों से इंजेक्शन के लिए संपर्क कर रहे हैं। हाल यह है कि एक इंजेक्शन की एक वॉयल के लिए लोग दिल्ली से हरिद्वार आने के लिए तैयार हैं। अनिल अरोड़ा ने बताया कि उनके पास इंजेक्शन के लिए रोजाना 300 से 350 फोन आ रहे हैं।
   
कालाबाजारी की नहीं है संभावना

अनिल अरोड़ा ने बताया कि हरिद्वार में अब जब रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध ही नहीं है तो ऐसे में कालाबाजारी का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने बताया कि इंजेक्शन उपलब्ध होने पर मेडिकल स्टोर संचालकों निर्धारित कीमत पर ही बिक्री करने के लिए कहा गया है। इंजेक्शन की कीमत चार-छह हजार रुपये के बीच है।   

अधिकृत कोविड अस्पताल और जिला अस्पताल में रेमडेसिविर का इंजेक्शन नहीं है। गंभीर स्थिति में कोविड संक्रमित को ऋषिकेश एम्स और दून अस्पताल में भेजा जाता है।
-डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर, मेलाधिकारी, स्वास्थ्य
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें