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उत्तराखंड : कोरोना महामारी ने रोकी औद्योगिक निवेश की रफ्तार, उद्योगों में क्षमता से आधा ही उत्पादन

Sun, 30 May 2021 02:00 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून

सार

कोरोना महामारी से नए उद्योग लगाने की आवेदन प्रक्रियाओं पर फिलहाल विराम लगा है। 
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नए उद्योग लगाने की आवेदन प्रक्रियाओं पर फिलहाल विराम - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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कोरोना महामारी ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश की रफ्तार रोक दी है। ढाई साल पहले हुए इंवेस्टर्स समिट (निवेशक सम्मेलन) में जिन निवेश के प्रस्तावों पर सरकार ने उद्यमियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, उनमें अब तक मात्र 25 हजार करोड़ के निवेश पर काम हुआ है।

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कोरोना महामारी से नए उद्योग लगाने की आवेदन प्रक्रियाओं पर फिलहाल विराम लगा है। प्रदेेश सरकार ने औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए अक्तूबर 2018 में इंवेस्टर समिट आयोजित किया था। जिसमें सरकार को उम्मीदों से ज्यादा निवेश के प्रस्ताव मिले थे।

निवेशकों के साथ 1.24 लाख करोड़ लागत के 601 निवेेश प्रस्तावों पर सरकार ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन बीते वर्ष से कोरोना महामारी के कारण औद्योगिक निवेश की रफ्तार थम गई है। ढाई सालों में 25 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव की ग्राउंडिंग हुई है।
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कोरोना की दूसरी लहर में उद्योग तो खुले हैं, लेकिन बाजार बंद है। जिससे उद्योगों में क्षमता से आधा ही उत्पादन हो रहा है। साथ ही कच्चा माल की कीमत भी बढ़ गई है। पहले लोहा 40 रुपये प्रति किलो था, जो बढ़ 65 रुपये प्रति किलो हो गया है। 

कोरोना महामारी से हर सेक्टर पर असर पड़ा है। औद्योगिक निवेश को लेकर किसी तरह की गतिविधियां नहीं हो पा रही है। कोरोना से स्थिति सामान्य होने पर प्रदेश में औद्योगिक निवेशक में भी तेजी आएगी।
-सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक उद्योग

कोरोना महामारी के कारण उद्योगों पर बुरा असर पड़ा है। जिससे नए उद्योगों पर होने वाला निवेश भी प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को रुचि है। पहले की तुलना में कनेक्टिविटी की सुविधा है। लेकिन निवेशकों के दिमाग में कनेक्टिविटी को धारणा है उसे दूर करना होगा। साथ ही बड़े उद्योग लगाने के लिए ज्यादा जमीन उपलब्ध नहीं है। सरकार को सुझाव दिया था कि एक बार फिर से इंवेस्टर्स समिट किया जाए। जिससे  आधारभूत ढांचा व कनेक्टिविटी को लेकर निवेशकों की दुविधा को दूर किया जा सके। उद्योग तो खुले हैं, लेकिन बाजार बंद है। उद्योगों का माल कहां से बिकेगा। सरकार को चाहिए था कि औद्योगिक संगठन के साथ बैठ कर कोरोना संक्रमण रोकथाम को लेकर निर्णय लेते हैं।
-विपुल डावर, अध्यक्ष, सीआईआई

एमओयू प्रस्ताव पर दिसंबर 2020 तक निवेश की जमीनी हकीकत
 परियोजना                 -       उद्योग     -      पूंजी निवेश          -    प्रस्तावित रोजगार
इंवेस्टर समिट के प्रस्ताव  -  138           -     15560.88           - 40644
एमएसएमई                   -    297         -       1239.99           -   12140
निविदा के माध्यम        -     03           -          895                 -    375
सिंगल विंडो               -         69         -         7310.28           -     9269
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कुल-                                507          -      25006.15           -       62428
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