गुरुवार रात जारी मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) में राज्य सरकार ने सार्वजनकि स्थलों पर सामाजिक दूरी के नियम का पालन सख्ती से करने का इरादा जताया है। सार्वजनिक वाहनों में यात्रियों की संख्या 50 प्रतिशत कर दी गई है। भीड़ वाले स्थानों के लिए भी 50 प्रतिशत का नियम लागू किया गया है।
वहीं, अब तक सिर्फ देहरादून के कुछ हिस्सों में रात्रि कर्फ्यू था, लेकिन अब पूरे प्रदेश में रात्रि कर्फ्यू लगा दिया गया है। यह रात 10.30 से सुबह पांच बजे तक यह लागू रहेगा।
औद्योगिक शिफ्ट वाले कर्मचारियों, इमरजेंसी वाहन, मालवाहकों से संबंधित व्यक्तियों, बसों, ट्रेनों, हवाईजहाज आदि से उतरने वाले, शादी और संबंधित समारोह आदि से संबंधित व्यक्तियों को रात्रि कर्फ्यू के दौरान आवाजाही की छूट रहेगी।
मुख्य सचिव ओमप्रकाश की ओर से जारी एसओपी में कुंभ की अवधि को सीमित किए जाने के कयासों पर भी पूरी तरह से विराम लगा दिया गया है। एसओपी में साफ कहा गया है कि मेला अवधि पूर्व की भांती रहेगी।
बताया गया कि हरिद्वार मेला क्षेत्र को लेकर भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से 22 जनवरी को जारी मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) और राज्य सरकार की ओर से बीती 26 फरवरी को जारी आदेश लागू रहेगा।
राज्य ने हरिद्वार मेला कुंभ क्षेत्र की अवधि एक अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल तक के लिए जारी की थी। इसका मतलब यह हुआ कि हरिद्वार में महाकुंभ यथावत रहेगा। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी इसकी पुष्टि की।