उन्होंने कहा कि क्वारंटीन सेंटरों के लिए बनाए गए प्रभारी अधिकारियों के पास अनिवार्य रूप से सुरक्षा किट की उपलब्धता के साथ ही उन्हें निर्धारित प्रोटोकॉल की पूर्ण जानकारी दी जाए।
क्वारंटीन सेंटरों में रहने वाले प्रवासियों की ट्रैवल हिस्ट्री आदि की जानकारी का रजिस्टर भी बनाया जाए। सेंटरों में प्रवासियों की निरंतर काउंसिलिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी क्वारंटीन सेंटरों की व्यवस्थाओं का लगातार जायजा लें। सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन नहीं करने वालों और मास्क नहीं पहने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि जनपद में आने वाले प्रवासियों का डाटा तैयार हो। उनकी निगरानी के लिए एक्टिव सर्विलांस को और अधिक बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से होम क्वारंटीन सेंटरों में रहने वाले प्रवासियों का सर्विलांस कराते हुए कोविड केयर सेंटरों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।