कोविड-19 के संक्रमण के दौर में कांग्रेस ने भाजपा की वर्चुअल रैलियों को लेकर सवाल उठाया है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि लोग कोरोना से त्रस्त है और भाजपा पूरे देश में वर्चुअल रैली करने में मस्त है। प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि देश व प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसे रोक पाने में केंद्र व प्रदेश सरकार असफल साबित हो रही हैं।
उन्होंने देश की विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नेपाल जैसा देश अपने नक्शे में भारत की सीमा के क्षेत्र शामिल कर रहा है। देश के रक्षा मंत्री कह रहे हैं कि नेपाल से सीमा विवाद को सुलझा लिया जाएगा। रक्षा मंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए था कि केंद्र सरकार की इस मामले को लेकर योजना क्या है। धस्माना ने कहा कि वर्चुअल रैली में भी भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री का गुणगान ही अधिक करते दिखाई दिए।
ऐसे समय में जब लोगों को राहत की जरूरत है, सत्ताधारी दल रैलियों के जरिये भाषण बांट रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी कोई रेेडमैप सामने नहीं रख पाए। वे भी नेताओं के गुणगान में ही व्यस्त रहे। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि भारत कोरोना संक्रमण के मामले में विश्व में पहले नंबर पर आने की ओर बढ़ रहा है और देश के रक्षा मंत्री देश को विश्व में पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का दावा कर रहे हैं। कोरोना के कारण लोग संकट में हैं और भाजपा वर्चुअल रैली कर रही है।
रक्षा मंत्री को गृह मंत्री बता गए भगत, कांग्रेस ने ली चुटकी
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत को अब यह भी याद नहीं कि कौन गृह मंत्री है और कौन रक्षा मंत्री। वे रक्षा मंत्री को गृह मंत्री बता रहे हैं। बेहतर होगा कि वे अब राजनीति से संन्यास ले लें।
क्वारंटीन सेंटरों से लगातार आने वाली शिकायतों को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने जिले के 32 सेंटरों पर 64 नोडल अफसर नियुक्त कर दिए। जो सेंटरों की भोजन, बिजली, पानी समेत अन्य व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे। साथ ही कोई कमी होने पर अधिकारियों को जानकारी देंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि क्वारंटीन सेंटरों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्य चिकित्साधिकारी इन सेंटरों में क्वारंटीन किए गए लोगों का नियमित चैकअप व काउंसिलिंग करवाएंगे। सेंटरों के चिकित्सा प्रभारी नोडल अफसरों को चिकित्सकीय सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण देंगे। बताया कि उप जिलाधिकारी सेंटरों का निरीक्षण कर वहां मनोरंजन के लिए किताब आदि उपलब्ध कराएंगे। वहीं, जिन सब डिवीजनों में 10 से अधिक सेंटर हैं, वहां तहसीलदार और नायब तहसीलदार निरीक्षण करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिला पूर्ति अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वह सेंटर पर भोजन की व्यवस्था करें। एमडीडीए संयुक्त सचिव मीनाक्षी पटवाल को सेंटरों के नोडल अधिकारियों और तैनात चिकित्सकों के बीच समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा एडीएम प्रशासन अरविंद पांडेय को सेंटरों व वहां तैनात स्टाफ की मॉनीटरिंग के साथ ही निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान कहीं भी कोई समस्या आती है तो उसका समाधान करवाने की जिम्मेदारी भी एडीएम प्रशासन की होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी नोडल अफसर अपने नंबर भी सेंटर पर चस्पा करेंगे, ताकि लोग उस पर फोन कर अपनी समस्या बता सकें।
अगर आप डीएम से मुलाकात करना चाहते हैं और आपके मोबाइल में आरोग्य सेतु एप नहीं है तो मुलाकात नहीं होगी। मुलाकात से पहले मोबाइल में यह एप डाउनलोड करना जरूरी होगा। ब्लू टूथ और लोकेशन प्वाइंट भी ऑन रखना होगा।
डीएम ने कहा है कि कोविड-19 से बचाव के लिए आरोग्य सेतु एप अच्छा माध्यम है। इसलिए मुलाकात करने वालों से आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य किया जाएगा। मीडियाकर्मियों को भी यह एप डाउनलोड करना जरूरी है। जल्द इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। बता दें कि आरोग्य सेतु को इस प्रकार से डिजायन किया गया है कि यह यूजर को संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद संभावित खतरे की जानकारी देती है।
ऐसे करें आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल
गूगल प्ले स्टोर (एंड्रॉइड यूजर्स के लिए) और एप स्टोर (आईओएस यूजर्स के लिए) से आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करें। उसके बाद भाषा चुनें। फोन की सेटिंग से ब्लू टूथ और लोकेशन को स्विच ऑन करें। अपने फोन की सेटिंग से लोकेशन शेयरिंग को ऑलवेज सेट करें। वहीं रजिस्टर लिखकर आने पर क्लिक करने के बाद आई एग्री बटन पर क्लिक करें। उसके बाद आपसे मोबाइल नंबर मांगा जाएगा। मोबाइल नंबर और ओटीपी डालें। इस प्रक्रिया के बाद आप एप को एक्सेस या इस्तेमाल कर सकते हैं।
रोजाना काफी संख्या में लोग मिलने आते हैं। ऐसे में कौन संक्रमित है या नहीं यह जान पाना संभव नहीं है। जिसे देखते हुए मिलने वालों के लिए आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य किया जाएगा।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
क्वारंटीन सेंटर में फांसी मामले में मानवाधिकार आयोग सख्त
उतराखंड मानवाधिकार आयोग ने बालावाला क्वारंटीन सेंटर में युवक के फांसी लगाने के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव, जिलाधिकारी देहरादून, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। आयोग ने इन सभी को 10 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।