स्वास्थ्य एवं वित्त सचिव अमित नेगी की ओर से उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड को हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज, आईडीपीएल ऋषिकेश में बनने वाले अस्थायी अस्पतालों में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कोरोना काल में लोगों की टूटती सांसों को थामने के लिए सरकार के स्तर से तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्रम में राज्य सरकार के स्तर से डीआरडीओ के वैज्ञानिकों से वार्ता के बाद पांच-पांच सौ बेड के अस्पतालों के निर्माण के लिए संबंधित विभागों को तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्वास्थ्य एवं वित्त सचिव अमित नेगी की ओर से उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड को हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज, आईडीपीएल ऋषिकेश में बनने वाले अस्थायी अस्पतालों में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग को दोनों जगहों पर बाउंड्रीवॉल व अन्य जरूरी निर्माण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वह ऐसी जगह उपलब्ध कराए, जहां प्रवेश और निकास की व्यवस्था अलग से हो। जल निगम को दोनों ही जगहों पर पानी की उपलब्धता तत्काल करने के निर्देश दिए गए। वहीं फायर सेफ्टी विभाग, संबंधित जिलों के पुलिस कप्तानों को भी व्यवस्थाएं करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन अस्पतालों में एम्स ऋषिकेश, सभी मेडिकल कॉलेज व अन्य अस्पतालों की ओर से चिकित्सक उपलब्ध कराए जाएंगे।
आईडीपीएल में अस्पताल के लिए नगर निगम को भी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी विभागों को कहा गया है कि वह तीन दिन के भीतर टेंडर निकालें या अन्य तरीके से संबंधित खरीदारी कर लें। इन सभी कामों के लिए एसडीआरएफ की ओर से देहरादून और नैनीताल के जिलाधिकारियों को दस-दस करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।
डीआरडीओ की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, आईडीपीएल ऋषिकेश में बनने वाले अस्पताल में करीब 39 करोड़ 10 लाख रुपये और हल्द्वानी में अस्पताल निर्माण के लिए 40 करोड़ 10 लाख रुपये का खर्च आएगा। अग्रिम रूप से 20-20 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। ऋषिकेश में स्थापित होने वाले कोविड केयर सेंटर का संचालन एम्स ऋषिकेश के स्तर से किया जाएगा।