इस योजना के तहत अब तक कुल मिलाकर 6.75 लाख लोगों को काम दिया जा चुका है। सबसे अधिक काम टिहरी में किया गया, जहां 1.15 लाख लोगों ने इस योजना का लाभ लिया।
दूसरे नंबर पर पौड़ी है जहां करीब 85 हजार लोगों ने मनरेगा के तहत काम किया। इन लोगों ने 10 दिन से लेकर 15 दिन तक का काम किया। कुल मिलाकर मजदूरी पर मनरेगा के तहत करीब 225 करोड़ रुपये खर्च हुए।
मुख्य बिंदु
-योजना का 700 करोड़ का बजट
-योजना में कुल खर्च हुआ 450 करोड़
-सवा 200 करोड़ देनदारी भी
-20 हजार मुर्गीपालन शेड बनाकर देंगे