25 सितंबर को ऋषिकेश तीर्थनगरी में राफ्टिंग खुलने के बाद से यहां पर्यटन कारोबार ने रफ्तार पकड़नी शुरू की थी। लेकिन अब राफ्टिंग गाइड के लगातार पॉजिटिव पाए जाने के बाद इस व्यवसाय पर भी इसका असर पड़ना तय है।
राफ्टिंग गाइड अन्य प्रांतों से आने वाले पर्यटकों के संपर्क में आते हैं। जाहिर सी बात है कि वे या ता उनसे संक्रमित हो रहे हैं, या फिर दूसरे पर्यटकों को संक्रमित कर रहे हैं। ऐसे में दोनों को ही खतरा है। कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए जरूरी है कि इसमें सामाजिक दूरी का पूरा ख्याल रखा जाए, लेकिन फिलवक्त ऐसा नहीं हो रहा है।
लोग मास्क और सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं। पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को कोरोना से बचने के लिए विशेष तौर पर एहतियात बरतनी होगी। क्योंकि पर्यटन की चेन कई व्यवसायों को एक साथ जोड़ती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में होटल इंडस्ट्री से जुड़े दूसरे लोगों की भी सैंपलिंग की जाएगी। ताकि कोरोना की चेन को तोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए त्योहारी सीजन में और सजग व सतर्क रहने की जरूरत है। त्योहारों के समय बाजारों में भीड़ बढ़ेगी। ऐसे में मास्क का इस्तेमाल व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
लोगों को जागरूक करने के लिए अनुशासित तरीके से पैदल मार्च कर जागरूकता अभियान चलाया जाए। मास्क न पहनने पर सिर्फ चालान करना मकसद नहीं होना चाहिए। बल्कि जो लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं, उन्हें मास्क उपलब्ध करा कर जागरूक किया जाए।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्दीधारी वाले विभाग, पुलिस, वन विभाग के अलावा मीडिया, सामाजिक संगठन, कर्मचारी संगठन, छात्र संगठन, महिला समूह, किसान संगठन और कोविड विनर्स के माध्यम से पैदल मार्च कर लोगों को जागरूक किया जाए।
दो नवंबर से स्कूलों में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं शुरू होंगी। कॉलेजों में प्रधानाचार्य, शिक्षक व कर्मचारी सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क की अनिवार्यता का पालन कराना सुनिश्चित करेंगे। सार्वजनिक स्थानों, पर्यटक स्थलों पर जागरूकता के लिए वॉल पेंटिंग कराई जाए।