22 मार्च को जारी एसओपी और एक मार्च की एसओपी में सबसे बड़ा फर्क ही यह है कि जिलाधिकारियों को सामाजिक दूरी सहित अन्य नियमों का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है। इसका मतलब यह भी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न लगाने पर सौ रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक जुर्माना अब लोगों को भरना पड़ सकता है। इसी तरह होली समारोह में अधिक लोगों के इकठ्ठा होने पर कार्रवाई हो सकती है। यह बहुत हद तक जिलाधिकारियों के रुख पर निर्भर करेगा। यह एसओपी 31 मार्च तक जारी है और कोरोना संक्रमण बढ़ते हैं तो सरकार अधिक सख्त रुख अपना सकती है।
यह देखने में आया है कि समाजिक दूरी, सार्वजनिक स्थलों पर अनिवार्य रूप से मास्क पहनने और हाथों को बार-बार धोने के नियम के प्रति लोग अब लापरवाही बरत रहे हैं। संक्रमण के बढ़ने के दौर में यह खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए इन नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला किया गया है।
- ओम प्रकश, मुख्य सचिव