मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश के मुताबिक कोविड-19 की रोकथाम के लिए सरकार को अधिक खर्च करना पड़ रहा है। इस पर लॉकडाउन की वजह से आय तेजी से कम हुई है। प्रदेश की जीडीपी प्रभावित हुई है और राजस्व कम हुआ है।
खर्च कम करने का प्लान
नई नियुक्तियों पर रोक, आउटसोर्स पर जोर
- अनुपयोगी पद होंगे समाप्त, अन्य विभागों में समायोजित किए जाएंगे कर्मचारी, वेतनमान का उच्चीकरण नहीं होगा
- चिकित्सा और पुलिस को छोड़कर अन्य विभागों में नए पद सृजित करने पर रोक
- सेवा नियमों के विपरीत विभागों में संविदा, नियत वेतन, दैनिक वेतन पर नियुक्ति पूरी तरह से बंद। आउटसोर्स से काम कराने का आग्रह।
- फोर्थ क्लास के साथ ही वाहन चालक, माली, वायरमैन, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, लिफ्टमैन आदि पदों के रिक्त होने पर नियमित नियुक्तियां नहीं, आउटसोर्स से होगा काम।
- सलाहकार आदि को स्टाफ नहीं मिलेगा। विभाग सरप्लस स्टाफ दे सकता है या आउटसोर्सिंग होगी।
निर्माण कार्य
- सरकारी और निगमों आदि के स्तर से नए गेस्ट हाउस नहीं बनाए जाएंगे। मुख्यालयों में नए कार्यालय, भवन नहीं बनेंगे।
विकास योजनाएं
- विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा। अनुपयोगी योजनाओं को समाप्त किया जाएगा। योजनाओं में काम करने वाले कर्मियों को अतिरिक्त लाभ देने पर भी रोक। पहले से जारी टीए, डीए आदि ही मिलेगा।
घूमने-फिरने पर भी बंदिश
- यात्रा व्यय, विज्ञापन, प्रिंटिंग आदि पर खर्च कम से कम। अफसर इकोनॉमी क्लास से ही यात्रा करेंगे। यात्रा भी कम से कम।
- विदेशों में ऐसे किसी सेमीनार, वर्कशॉप में जाने की अनुमति नहीं, जिससे राज्य सरकार को
खर्च उठाना पड़े। विभाग राजस्व घाटा खत्म करने के लिए काम करेंगे।
प्राइमरी में सरप्लस शिक्षक भेजें जाएंगे दूसरी जगह
- प्राथमिक शिक्षा में छात्र-शिक्षक अनुपात का सख्ती से पालन, सरप्लस शिक्षकों का समायोजन रिक्त पदों पर होगा। हर तीन माह में समीक्षा होगी।
जीरो बेस्ड बजट
- नई योजनाओं के लिए जीरो बेस्ड बजट। मतलब यह कि योजना की लागत का आकलन नए सिरे से होगा और हर खर्च की परख होगी।
- सुरक्षा को छोड़कर नए वाहनों को खरीदने पर रोक।
- अनुबंध पर टैक्सी लेने के लिए वित्त की सहमति लेनी होगी। केवल पंजीकृत वाहनों का ही अनुबंध, निजी वाहनों के अनुबंध पर रोक।
फाइव स्टार कलचर से परहेज, ई प्लेटफार्म पर जोर
- राजकीय भोज फाइव स्टार होटलों में नहीं होंगे। सेमीनार, वर्कशॉप केवल सरकारी भवनों में होंगे।
- स्टेशनरी और यात्रा व्यय को कम करने के लिए ई प्लेटफार्म का अधिक से अधिक उपयोग होगा।
- नए साल पर या अन्य मौकों पर कलेंडर, डायरी, पर्सनल लेटर आदि पर रोक, प्राधिकरण और अन्य संस्थाओं पर भी यह नियम लागू।