बताया जाता है कि आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण ट्रक ड्राइवर की पत्नी और दो बच्चों को तीन दिन से खाना नसीब नहीं हो रहा था। बुधवार को ड्राइवर की पत्नी ने सिपाही के मोबाइल पर कॉल कर बताया कि तीन दिन से घर में राशन नहीं है और वे भूखे हैं।
इस पर सिपाही रघुुवीर आटा, चावल, दाल, चीनी, मसाले समेत अन्य सामान बाजार से खरीदा और लेकर ड्राइवर के घर पहुंच गए। मदद के लिए ड्राइवर की पत्नी ने उनका आभार व्यक्त किया। इस बात की जानकारी पुलिस अधिकारियों को लगी तो उन्होंने सिपाही की पीठ थपथपाई।
ट्रक ड्राइवर के परिवार की कहानी सुनकर इंस्पेक्टर राजेश साह ने भी मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने अपनी जेब खर्च से उसके घर एक महीने का राशन पहुंचाया। साथ ही आश्वासन दिया कि जब तक उनके परिवार का मुखिया सही होकर नहीं आता, उनकी हरसंभव मदद करेंगे।