कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
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देहरादून में कोरोना के टीकाकरण में कुछ लोगों के फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। खासकर कोरोना महामारी में सबसे आगे रहकर काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मी और अन्य विभागों में कर्मियों के नाम पर टीकाकरण में गड़बड़ी सामने आई है।
टीकाकरण में गड़बड़ी को लेकर दोनों श्रेणी के लोगों के कोरोना टीकाकरण के लिए नए पंजीकरण कराने पर रोक लगा दी गई है। केंद्र की ओर से मिली गाइडलाइन का हवाला देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप कुमार डिमरी ने जिले के सभी सरकारी और निजी कोरोना टीकाकरण केंद्रों को इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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उल्लेखनीय है कि अग्रिम मोर्चे पर रहकर कोरोना मरीजों का इलाज व इससे जुड़ीं अन्य व्यवस्थाएं देखने वाले फ्रंटलाइन हेल्थ कोरोना वर्कर और विभिन्न विभागों के फ्रंटलाइन कोरोना वर्कर (एफएलडब्ल्यू) को पहले चरण में टीके लगाए गए। इसके बाद से अन्य श्रेणियों में चरणबद्ध तरीके से कोरोना टीकाकरण चल रहा है। इस बीच शिकायतें मिली हैं कि फ्रंटलाइन हेल्थ कोरोना वर्कर और फ्रंटलाइन कोरोना वर्कर के नाम पर कुछ अन्य लोग भी पंजीकरण कराने के बाद कोरोना का टीका लगा रहे हैं।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तक इस बारे में शिकायतें पहुंची हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, देहरादून जिले में भी इस फर्जीवाड़े से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप कुमार डिमरी ने दोनों श्रेणी के लोगों के नए पंजीकरण किसी भी स्थिति में न होने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी सरकारी और निजी टीकाकरण केंद्रों को निर्देश भेज दिए गए हैं। पत्र में सीएमओ डॉ. डिमरी ने बताया है कि अगर कोई भी टीकाकरण केंद्र इन निर्देशों का उल्लंघन करता है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।