फल व सब्जियों के वाहनों को छूट के बावजूद स्टेट बॉर्डर पर रोका जा रहा है। इससे सप्लाई पर भी असर पड़ने लगा है। पंजाब-हरियाणा से आलू लेकर चले ट्रक यूपी और हरियाणा बॉर्डर पर खड़े हैं। वहीं सप्लाई कम होते ही आलू की थोक कीमतों में उछाल आने लगा है। केंद्र सरकार ने अपनी गाइडलाइन में दूध, फल, सब्जियों, खाद्यान्न के वाहनों को चलने की छूट दी है। उसके बावजूद राज्यों की सीमाओं पर वाहनों को रोका जा रहा है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान से आलू लेकर उत्तराखंड के लिए चले ऐसे ही कई ट्रक यूपी और हरियाणा बॉर्डर पर खड़े हैं।
मंडी अधिकारियों के अनुसार इन वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसके चलते बृहस्पतिवार को निरंजनपुर मंडी में आलू की सप्लाई आवक काफी कम रही। इससे थोक कीमतों में उछाल आ गया। 850 रुपये क्विंटल तक बिक रहा आलू बृहस्पतिवार को 1100 से 1200 रुपये क्विंटल तक बिका। अन्य सब्जियों की सप्लाई पर भी असर पड़ा है। वहीं पहाड़ से मटर की सप्लाई भी बंद हो गई है।
पहुंचने में लग रहा ज्यादा वक्त
फल सब्जियां लेकर आ रहे वाहनों को इन दिनों मंडी तक पहुंचने में ज्यादा वक्त लग रहा है। जगह-जगह चेकिंग और रोके जाने के चलते गाड़ियां देरी से मंडी पहुंच रही हैं। लॉकडाउन के चलते लोगों को खरीदारी के लिए केवल सुबह सात से 10 बजे तक तक का ही समय दिया गया है। कई बार गाड़ियां इसके बाद भी पहुंच रही हैं, जिससे उन सब्जियों की बिक्री अगले दिन हो रही है।