कोरोना मरीजों की जांच और उपचार के दौरान धीरे-धीरे डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी कोरोना संक्रमण होने लगा। इससे उनके परिवार वाले भी दहशत में आ गए। ऐसे में बीच-बीच में उच्चाधिकारियों द्वारा उनका उत्साह बढ़ाया गया। साथ ही उनके परिवारों को कोरोना से बचाने के लिए उनके लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम के द्रोण होटल और अन्य सरकारी आवासों को आरक्षित किया गया। कोरोना ड्यूटी के दौरान कई-कई दिन तक डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी अपने परिवार से नहीं मिल सके।
लोगों ने योग और आयुर्वेद का लिया सहारा
कोरोना का कोई समुचित इलाज न होने के कारण डॉक्टर भी सलाह दे रहे थे कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना जरूरी है। इसे देखते हुए लोगों ने जहां योग और ध्यान का खूब सहारा लिया। वहीं, आयुर्वेद के काढ़ा, गिलोय जैसी दवाओं का भी खूब इस्तेमाल किया गया। इस दौरान आयुर्वेदिक दवाओं की जमकर बिक्री हुई। वहीं, सरकार ने भी आयुर्वेद काढ़ा और गिलोय जैसी दवाओं को लोगों के बीच बांटा।
दून में 30 हजार लोग हो चुके संक्रमित
देहरादून जिले में 14 मार्च तक 29921 लोगों को कोरोना संक्रमण हो चुुका था। इसमें से 28412 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि 102 मरीज अब भी संक्रमित हैं। वहीं, जिले में कोरोना संक्रमित 969 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक चार लाख 70 हजार 301 लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है।
कोरोना फैलने के बाद जब केंद्र सरकार ने पूरे देश में कड़ाई से लॉकडाउन लागू किया गया तो न सिर्फ उत्तराखंड वरन देश के अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में प्रवासी फंस गए। ट्रेनों, बसों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाए जाने के बाद लाखों की संख्या में लोग तमाम राज्यों में फंस गए। सारी व्यावसायिक गतिविधियां बंद होने की वजह से प्रवासियों के सामने खाने-पीने का भी गंभीर संकट था।
प्रवासियों को अपने घर पहुंचने की चिंता सता रही थी। ऐसे में केंद्र सरकार और रेलवे की ओर से प्रवासियों को बड़ी राहत देते हुए देहरादून से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। इसके जरिए यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात समेत कई राज्यों के प्रवासियों को न सिर्फ उत्तराखंड से इन राज्यों में पहुंचाया गया, वरन इन राज्यों में फंसे हजारों प्रवासियों को भी उत्तराखंड लाया गया। लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों को केंद्र सरकार, रेलवे बोर्ड और राज्य सरकारों की ओर से मुफ्त यात्रा सुविधा मुहैया कराई गई। यात्रियों को बीमारी से बचाने के लिए मास्क, सैनिटाइजर देने के साथ ही खाने पीने का सामान भी मुहैया कराया गया।
ट्रेनों को सैनिटाइज करने के साथ ही पूरे स्टेशन परिसर को भी सैनिटाइज किया गया। कोरोना को लेकर स्थितियां सामान्य होने के बाद अब रेलवे बोर्ड की ओर से देहरादून से संचालित होने वाली ज्यादातर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। कुछ दैनिक ट्रेनों को सप्ताह में तीन दिन संचालित किया जा रहा है। हालांकि, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्थितियां और सामान्य होने व यात्रियों की संख्या बढ़ने पर ट्रेनों का दैनिक संचालन शुरू कर दिया जाएगा।