प्राइवेट डॉक्टर की सलाह पर निजी लैब में टेस्ट करने वाले मरीज को जांच की पूरी फीस देनी होगी। आयुष्मान कार्ड धारक मरीज को मुफ्त जांच का लाभ मिल सकता है, जब वह सरकारी अस्पताल या योजना में पंजीकृत अस्पताल में भर्ती होगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपल जांच के लिए निजी लैब में भेजा जाता है, तो उसका भुगतान भी विभाग निजी लैब को करेगा।
आईसीएमआर की अनुमति के बाद निजी पैथोलॉजी लैब में डॉक्टर की सलाह पर कोई भी मरीज कोरोना संक्रमण का टेस्ट करा सकता है। डॉक्टरों को टेस्टिंग प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करना होगा। आयुष्मान योजना में मुफ्त सैंपल जांच की सुविधा है। लेकिन वह तभी मिलेगी, जब मरीज योजना में पंजीकृत अस्पतालों में इलाज कराएगा। सरकारी अस्पतालों से कोई सैंपल जांच के लिए निजी लैब भेजा जाता है तो उसका भुगतान विभाग करेगा।
- युगल किशोर पंत, अपर सचिव स्वास्थ्य