टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण के एसीईओ पीआर चौहान ने बताया कि बोट संचालकों को प्रत्येक व्यक्ति का बोटिंग स्थल से 100 मीटर दूरी पर थर्मल स्क्रीनिंग करनी होगी। साथ ही प्रत्येक राउंड के बाद बोट को सैनिटाइज किया जाएगा, पर्यटकों सहित बोट संचालकों, ऑपरेटर और हेल्परों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनना होगा, शारीरिक दूरी के साथ ही बोटिंग क्षमता की 50 फीसदी सीटों पर ही पर्यटकों को बैठाना होगा।
श्री गंगा-भागीरथी बोट यूनियन के अध्यक्ष लखवीर चौहान ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार फिलहाल झील में स्पीड और सामान्य तरह की बोट ही संचालित की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्पीड बोट और बोट के किराए में कोई इजाफा नहीं किया गया है। पूर्व की भांति ही स्पीड बोट का 500 और सामान्य बोट का 300 रुपये रखा गया है।