ऊधमसिंह नगर की ओर से बताया गया कि जिले में 15 से 18 आयु वर्ग के 40 बच्चे संक्रमित हुए हैं। सभी बच्चों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। बताया गया कि जिला अस्पताल में 40 बच्चों के लिए चाइल्ड केयर वार्ड की व्यवस्था है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या दस साल से कम उम्र के बच्चों के लिए है।
कम उम्र के बच्चों को उनके माता-पिता के बिना आइसोलेशन में रखना कठिन होगा। कम उम्र के बच्चों के माता-पिता को भी पूरी सावधानी के साथ आइसोलेशन में बच्चों के साथ रहना होगा। पौड़ी के डा. रमेश पंत ने कहा कि जिले में कोई बच्चा संक्रमित नहीं है। जिला अस्पताल में दस बच्चों के लिए एक वार्ड सुरक्षित किया गया है। बैठक में बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि जिन जिलों में बाल सुधार गृह बनाए गए हैं।
उनमें प्रोवेशन अधिकारी एवं बाल कल्याण समिति के माध्यम से कोरोना किट व ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की जाए। आयोग की अध्यक्ष ने अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, देहरादून एवं अन्य जिलों के सीएमओ व जिला अस्पताल के अधीक्षकों को बच्चों को कोरोना की तीसरी लहर से बचाने के लिए अपने सुझाव व समस्याओं से आयोग को अवगत कराने को कहा।