एम्स में कोरोना वायरस के मद्देनजर पुख्ता सावधानी बरती जा रही है। एम्स प्रशासन की ओर से सस्थान में कार्यरत सभी स्टाफ और चिकित्सकों को मास्क और ग्लव्ज पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा मरीजों से मिलने आने वाले तीमारदारों को मास्क पहनना जरूरी कर दिया गया है। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि कोरोना को देखते हुए एम्स में ओपीडी और आईपीडी वार्ड की अलग से व्यवस्था की गई है।
संक्रमण के खतरे को देखते हुए सीएमओ ने बुलाई बैठक
लक्ष्मण झूला स्थित सरकारी अस्पताल में कोरोना वायरस से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नदारद हैं। यह हाल तब है जब इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में विदेशी सैलानियों का आवागमन बना रहता है। अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. राजीव ने बताया कि कोरोना वायरस का चीन से संबंध माना जा रहा है। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए अस्पताल में सुरक्षा के प्रति ब्लॉक स्तर पर आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने के लिए सिफारिश की गई है।
साथ ही एन-95 मास्क उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसी क्रम में कोरोना वायरस के मद्देनजर तैयारियों के लिए चार फरवरी को मुख्य चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में बैठक होनी है। उन्होंने बताया कि यदि कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज यहां आता है तो उसे आइसोलेशन वार्ड के माध्यम से एम्स रेफर किया जाएगा।
कोरोना वायरस को लेकर सतर्क हुए स्वास्थ्य महकमे ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य हेल्पडेस्क शुरू की है। हवाई यात्रियों के आवागमन के दौरान विभागीय टीम मौजूद रहेगी। विभाग की ओर से हवाई यात्रियों को कोरोना वायरस के बारे में जानकारियां भी दी जा रही हैं।
कोरोना वायरस को लेकर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीमों की तैनाती कर दी गई है। विदेशों से देहरादून उत्तराखंड आने वाले सैलानियों पर नजर रखने के अलावा विशेष सतर्कता रखी जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस भंडारी ने बताया कि शासन से मिले निर्देशों के अनुरूप डोईवाला अस्पताल की ओर से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य हेल्पडेस्क शुरू कर दी गई है।
दो शिफ्टों में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रहेेगी। टीम में एक चिकित्सक, फार्मेसिस्ट और वार्ड ब्वाय को रखा गया है। पहली टीम सुबह सात बजे से अपराह्न तीन बजे तक और दूसरी टीम तीन बजे से अंतिम फ्लाइट की आवाजाही तक मौजूद रहेगी। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर विभागीय स्तर पर लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। दूसरे देशों से आने वाले खास तौर पर चीनी हवाई यात्रियों को लेकर अधिक सतर्कता बरती जा रही है।
- कोरोना वायरस संक्रमण एक विषाणुजनित रोग है।
-चीन में कोरोना वायरल संक्रमण हो रहा है। जिससे कई अन्य देश भी प्रभावित हो रहे हैं।
-उत्तराखंड के चीन और नेपाल का सीमावर्ती राज्य होने के कारण यहां भी संक्रमण की संभावना है।
वायरस के लक्षण
- बुखार खांसी-जुकाम, गले में खराश।
- हालत ज्यादा गंभीर होने पर इंसान को सांस लेने में तकलीफ और न्यूूमोनिया होने लगता है।
संक्रमण से बचाव
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सलाह के मुताबिक, कोरोना वायरस से अनावश्यक डरने की जरूरत नहीं है। सावधानी और सतर्कता से बचाव आसान है। कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार के लिए कोई विशेष दवा या वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं है। केवल लक्षणों के आधार पर सपोर्टिंग उपचार किया जाता है।
-अगर कोई भी इंसान पिछले एक माह के दौरान चीन से आया या कोरोना वायरस संक्रमित किसी रोगी के संपर्क में रहा हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- कोरोना वायरस के लक्षण होने पर भी तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- मास्क का उपयोग करें और भीड़भाड़ व लोगों से दूरी बनाए रखें।
- खांसते या छींकते समय अपने मुंह व नाक को रुमाल से ढकें।
-नाक, कान या मुंह को छूने से पहले व बाद में अपने हाथों को साबुन व पानी से धोएं।
- खाना खाने से पहले और बाहर आने पर हाथ साबुन से अच्छी तरह अवश्य धोएं।
- अधिक मात्रा में तरल पदार्थ और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
- शिष्टाचार में हाथ न मिलाएंए गले न लगें व अन्य संपर्क बढ़ाने वाले कार्य न करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।
- अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।