देहरादून की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि एम्स प्रशासन से सूचना मिली थी कि देहरादून की एक युवती में कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण पाए गए हैं। इस पर नोडल अफसर एवं एसीएमओ डॉ. एनके त्यागी के नेतृत्व में एक टीम एम्स भेजी गई। टीम ने युवती का सैंपल ले लिया है। सैंपल पुणे स्थित नेशनल वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट स्थित लैब में भेजा गया है। लगभग चार दिन में सैंपल की रिपोर्ट आने की संभावना है।
उधर, एम्स ऋषिकेश के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि कोरोना वायरस की संदिग्ध 21 वर्षीय युवती चीन में एमबीबीएस की छात्रा है। बृहस्पतिवार को छात्रा को दून से रेफर किया गया था। डॉक्टरों ने युवती की हालत नियंत्रण में बताई है। मरीज की सैंपल रिपोर्ट शनिवार तक आ जाएगी।
प्रदेश में कोरोना वायरस का कोई मामला नहीं है। एक युवती चीन से आई है। उसे जुकाम व बुखार की शिकायत है। एहतियात के तौर पर उसे आईसोलेशन वार्ड में रखा गया है। सैंपल जांच के लिए पुणे भेजा गया है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही सही स्थिति सामने आएगी।
- डॉ.पंकज कुमार पांडे, प्रभारी सचिव स्वास्थ्य
कोरोना वायरस को लेकर नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी अलर्ट रहा। मेलाघाट में कोरोना वायरस स्क्रीनिंग कैंप में 27 लोगों की जांच की गई। किसी में वायरस का कोई लक्षण नहीं मिला है। इधर, नागरिक चिकित्सालय में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
बृहस्पतिवार को मेलाघाट में एसएसबी चौकी के पास कैंप में डॉ. साक्षी आर्या और डॉ. उमेश गुप्ता ने आने-जाने वाले 27 लोगों की स्क्रीनिंग की। साथ ही 60 से अधिक लोगों को जागरूक किया। डॉ. साक्षी ने बताया कि नेपाल के बाबाथान की संदिग्ध बुखार से पीड़ित मिली युवती किरन से फोन से संपर्क कर स्वास्थ्य की जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
शुक्रवार को भी संपर्क का प्रयास किया जाएगा। इधर, नागरिक अस्पताल के डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में जरूरी दवा आदि उपलब्ध करा दी हैं। स्वास्थ्य टीम ने क्षेत्र के नगरा तराई, रघुलिया, सरपुड़ा आदि में ग्रामीणों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक किया।