संयुक्त व्यापार मंडल के प्रदेश सचिव संजय मित्तल, जिला उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष विवेक अग्रवाल, नगर इकाई अध्यक्ष राकेश गर्ग, महासचिव लाजपत राय भाटिया ने बताया कि व्यापारी इस बार पहले से ही होली पर्व पर बाजार के रुख को लेकर आशंकित थे, लेकिन कारोबार आशंका से भी अधिक प्रभावित रहा।
पहले रंग, पिचकारी, चिप्स समेत कई सामान चीन से आता था, लेकिन इस बार देश में चीन से ज्यादा माल नहीं आया। बाजार में पूरी तरह से स्वदेशी माल बिक रहा है। चीन में कोरोनावायरस का प्रकोप होने के कारण लोग चायनीज आइटम समझकर रंग और चिप्स की खरीददारी नहीं कर रहे हैं, जिससे होली के बाजार में पचास प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।
रंग के व्यापारी विकास माहेश्वरी का कहना है कि इस बार रंग से लेकर पिचकारी सभी स्वदेशी हैं, लेकिन लोगों में कोरोना का खौफ है, पिछली बार अभी तक होली में रंग, पिचकारी आदि लेने वालों की भीड़ लगी रहती थी, लेकिन इस बार होली के एक दिन पहले तक भी ग्राहक नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें नुकसान हो रहा है।
कोरोनावायरस का खौफ टिहरी जिले में लोगों में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि होली के त्योहार को लेकर भी लोगों में अधिक उत्साह नहीं है। होली के रंगों और पिचकारियों की खरीदारी करने में भी लोग एहतियात बरत रहे हैं।
टिहरी जिले में होली के दौरान पिछले साल तक जहां बाजारों में खरीदारी करने के लिए लोगों खूब रौनक देखने को मिलती थी वही इस बार में सन्नाटा पसरा हुआ है। होली के रंग विक्रेता विजयपाल राणा ने बताया कि कोरोनावायरस के कारण इस बार होली पर पिछले वर्षों की तुलना में रंग की 30 से 35 प्रतिशत बिक्री कम हो रही है।
कमोवेश यही स्थिति मिठाई की दुकानों पर भी बनी है। व्यापारी मदन चौहान ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मावा की बिक्री 20 प्रतिशत तक कम हुई है।
रुद्रप्रयाग जिले में भी बाजारों में रौनक गायब है। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग के व्यापारी सुरेंद्र सिंह कप्रवाण ने बताया कि होली के लिए 60 हजार रुपये के रंग, पिचकारी आदि सामान मंगाया गया, लेकिन अभी तक पांच हजार रुपये तक की बिक्री नहीं हो पाई है। कोरोना के भय के चलते रंग, पिचकारी, पानी के गुब्बारों की बिक्री ना के बराबर है।
जबकि बीते वर्ष, तीन बार सामान मंगाना पड़ा था। ऊखीमठ के व्यापारी राम स्वरूप त्रिवेदी, कलम सिंह रावत, महावीर रावत ने बताया कि कोरोना के चलते पहले से ही डिमांड कम की थी, लेकिन जितना सामान भी मंगाया है, उसका दस फीसदी भी नहीं बिक पाया है। श्रीनगर में कोरानावायरस के कारण गतवर्ष की अपेक्षा इस वर्ष दुकानों पर चायना का सामान कम देखा जा रहा है।
गोपेश्वर में होली पर्व पर भी कोरोनावायरस का खौफ दिखा। बाजारों में अबीर, गुलाल की दुकानें तो सजीं, लेकिन खरीदार कम ही दिखे। गोपेश्वर, जोशीमठ, पोखरी, घाट, पीपलकोटी, नंदप्रयाग क्षेत्र में रंगों और पिचकारी की बिक्री पिछले साल की अपेक्षा कम हुई।
दुकानदार आकाश ठाकुर और प्रकाश बिष्ट ने कहा कि लोगों ने रंग लेने से परहेज किया। आकाश ने बताया कि बीते वर्षों में पचास हजार से अधिक का सामान खरीदते थे, जो पूरा बिक जाता था, लेकिन इस बार बाजार का मिजाज देखकर 30 हजार के अबीर, गुलाल की बिक्री भी होने के आसार नहीं हैं।
उत्तरकाशी में भी लोग चीन से आने वाले रंग नहीं खरीद रहे हैं। व्यापारी धर्मेंद्र सिंह, संतोष आदि ने बताया कि लोग हर्बल रंगों की खरीद कर रहे हैं लेकिन चीन से आने वाले रंगों से परहेज कर रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीपी जोशी ने बताया कि कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए एडवाइजरी जारी की गई है। अभी तक कोरोना या फिर बाहर से किसी संक्रमित व्यक्ति के जिले में पहुंचने का कोई केस नहीं आया है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर पूरी तरह अलर्ट है।