खुद को कोरोना वायरस से पीड़ित होने की आशंका जताने वाले मरीजों की देहरादून में मंगलवार को जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अलग-अलग अस्पतालों में जाकर संदिग्ध मरीजों को देखा। हालांकि उन्होंने किसी भी मरीज में कोरोना वायरस की आशंका से इनकार किया।
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस के संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों के लिए कुछ दिन पूर्व टोल फ्री नंबर जारी किया था। मंगलवार को कुछ मरीजों ने टोल फ्री नंबर पर फोन कर कोरोना वायरस जैसे लक्षणों की शिकायत की। ये सभी मरीज खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित होकर अलग-अलग अस्पतालों में उपचार करवा रहे हैं। इस पर नोडल अफसर एसीएमओ डॉ. दिनेश चौहान के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने संबंधित अस्पतालों में जाकर मरीजों की जांच की।
ये ज्यादातर मरीज कुछ समय पूर्व चीन, थाईलैंड, जापान, हांगकांग जैसे देशों से वापस लौटे हैं। इसके चलते सर्दी लगने व बुखार होने पर उन्होंने कोरोना वायरस जैसे लक्षण दिखने की शिकायत की थी। डॉ. दिनेश चौहान ने बताया कि सभी मरीजों का परीक्षण किया गया, जिसमें उन सभी को सामान्य सर्दी, जुकाम व बुखार मिला। उन्होंने कहा कि शुरुआती तौर पर मरीजों में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं।
पिछले एक-डेढ़ माह के दौरान विदेश से लौटे लोगों में कोरोना को लेकर खौफ ज्यादा है। यही कारण है कि सर्दी लगने या बुखार होते ही वे टोल फ्री नंबर पर सूचना दे रहे हैं। डॉ. दिनेश चौहान ने बताया कि विदेशियों के संपर्क में रहे लोग भी घबरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर मरीजों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है।
कोरोना वायरस: फिर लगाई स्क्रीनिंग डेस्क
दो दिन पहले हटा दी गई स्क्रीनिंग डेस्क को फिर से लगा दिया गया है। यह डेस्क कोरोना वायरस की आशंका को देखते हुए विदेशियों के साथ ही चीन से लौटे लोगों की प्राथमिक जांच के लिए हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर लगाई गई थी। डेस्क को दो दिन पूर्व हटा दिया गया था।
मामले में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई थी। जिसकी खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। अधिकारी स्क्रीनिंग डेस्क लगी होने या न लगी होने की जानकारी तक नहीं दे सके थे। खबर के बाद हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर स्क्रीनिंग डेस्क फिर से लगा दी गई है। सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि स्क्रीनिंग 24×7 काम करेगी।