कुछ ही देर में यह मामला सोशल मीडिया तक पहुंच गया। मामले की जानकारी कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को मिली तो उन्होंने अधिकारियों को तुरंत व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने खुद प्लांट में बात की और स्टॉक खत्म होने से पहले डेढ़ टन ऑक्सीजन अस्पताल को उपलब्ध कराई।
हमने रूटीन में ऑक्सीजन के नोडल अफसर को सूचना दे दी थी। इसके अलावा व्हाट्सएप ग्रुप में भी इसकी जानकारी दी। साथ ही डीजी हेल्थ और सीएमओ कार्यालय को भी बताया। पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी गैस नहीं पहुंची। शाम को जब केवल 17 सिलिंडर बचे थे, जो आधे घंटे के लिए भी पर्याप्त नहीं थे। हालांकि आनन फानन डेढ़ टन ऑक्सीजन उपलब्ध करा दी गई।
-पवन शर्मा, निदेशक, कैलाश अस्पताल
मैंने इस संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली तो बताया गया कि प्लांट में कुछ तकनीकी दिक्कत हो गई थी। इसके कारण वहां से ऑक्सीजन नहीं मिल पाई। हालांकि समय रहते दूसरी जगह से इंतजाम कर अस्पताल को उपलब्ध करा दिया गया है। अस्पतालों को समय से ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की कार्रवाई की जा रही है।
-डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
जैसे ही मुझे जानकारी मिली तो मैंने अधिकारियों को तुरंत व्यवस्था कराने को कहा। एक प्लांट में बात की और ऑक्सीजन उपलब्ध कराने को कहा गया। अस्पताल को दिक्कत बढ़ने से पहले ऑक्सीजन उपलब्ध करा दी गई है। अगर इसमें देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
-गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री