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उत्तराखंड : हड़ताली उपनलकर्मियों को अपने विभागों में होना होगा उपस्थित, वरना होगी कार्रवाई

Mon, 19 Apr 2021 03:44 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने निर्देश दिए कि चिकित्सा और आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत कार्यरत कोई भी कर्मचारी हड़ताल या आंदोलन करते हैं तो उनपर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत तत्काल कार्रवाई की जाए।
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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत - फोटो : एएनआई (File Photo)
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विस्तार
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कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने चिकित्सा सहित अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल और आंदोलनों पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि हड़ताल और आंदोलन करने वाले कर्मचारियों को सेवा से हटाकर नई नियुक्तियों की कार्यवाही शुरू की जाएगी।

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उपनल कर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने विभागों में होना होगा उपस्थित

वहीं सरकार द्वारा किए आदेशों के बाद अब प्रबंध निदेशक उपनल द्वारा हड़ताल पर गए कर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने संबंधित कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आदेश जारी किए गए हैं। अपने कार्यालय में आगामी 20 अप्रैल तक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कहा गया है। और जिन लोगों ने ऐसा नहीं किया उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत तत्काल कार्रवाई

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने निर्देश दिए कि चिकित्सा और आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत कार्यरत कोई भी कर्मचारी हड़ताल या आंदोलन करते हैं तो उनपर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत तत्काल कार्रवाई की जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य और आवश्यक सेवाओं में कार्यरत सभी कर्मचारियों से अपेक्षा है कि इस संकट काल में अपने दायित्वों का ईमानदारी से पालन करें। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि हड़ताल और आंदोलनरत कर्मियों को सेवाओं से हटाकर नई नियुक्तियों की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में मुख्य सचिव को कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

‘हड़ताल को विशेष अवकाश में करें स्वीकृत’

 मांगों को लेकर 55 दिनों तक आंदोलन करने वाले उपनल कर्मचारियों ने इसे विशेष अवकाश में स्वीकृत करने की मांग की है। कर्मचारी सोमवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात करेंगे। उपनल कर्मचारी महासंघ के महामंत्री हेमंत रावत ने बताया कि अब सबकी नजर 22 अप्रैल की कैबिनेट पर है।

सरकार के आश्वासन के बाद ज्यादातर हड़ताली कर्मचारी अपने-अपन स्थानों को लौट चुके हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारी सोमवार से काम पर लौटेंगे। इस दौरान मुख्य संयोजक आंदोलन महेश भट्ट, विनोद गोदियाल, दीपक चौहान, विजय राम खंखरियाल, विपिन सवाल, भावेश जगूड़ी मौजूद रहे। 

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उपनल कर्मियों को आज तक काम पर वापस आने का समय

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का कहना है कि आंदोलनरत उपनल कर्मी सोमवार तक कार्य पर वापस नहीं आते हैं तो उनकी जगह तत्काल प्रभाव से नई तैनाती शुरू कर दी जाएगी।

सीएम ने कहा कि आपदा का समय है, ऐसे में कर्मियों से सोमवार तक काम पर वापस आने का निवेदन किया गया है। सुशीला तिवारी और मेडिकल कॉलेज के उपनल कर्मी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। 

400 उपनलकर्मियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट में मुकदमा दर्ज

मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले करीब 400 उपनलकर्मियों के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर जांच शुरू कर दी है। उपनलकर्मियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया था। इस दौरान हाथीबड़कला बैरियर पर करीब 400 उपनलकर्मियों को पुलिस ने रोका था। इसमें कुछ पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक भी हुई।

इस मामले में डालनवाला कोतवाली में इन उपनलकर्मियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उपनलकर्मियों ने आईटीआई परिसर की टंकी पर चढ़कर भी प्रदर्शन किया था। इसके लिए उन्होंने टंकी के परिसर का ताला तोड़ा था।

इस मामले में जल संस्थान के सहायक अभियंता राघवेंद्र सिंह की तहरीर पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाना और आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में पुलिस ने वीडियो रिकॉर्डिंग की है। इंस्पेक्टर डालनवाला मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदर्शन करने वालों की पहचान की जा रही है।
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