कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू हो गई हैं। ग्रामीण इलाकों में लोगों को संक्रमण से बचाव और टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी सी रविशंकर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि टीकाकरण से ही तीसरी लहर का मुकाबला किया जा सकता है। टीका जान की सुरक्षा के साथ ग्रामीणों की आजीविका से भी जुड़ा है। उन्होंने निवर्तमान ग्राम प्रधानों के सुझाव भी सुने।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड की पहली लहर सामान्य रही, जबकि दूसरी लहर ने सभी को प्रभावित किया है। जिसमें उम्रदराज लोगों के अलावा बच्चे और मध्यम आयु के लोग भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। तमाम चुनौतियों के बीच संक्रमण कम हो रहा है। तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। जिसमें बच्चों के अधिक प्रभावित होने की बात कही जा रही है। डीएम ने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों का भले ही टीकाकरण शुरू नहीं हुआ है, लेकिन 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण होने से तीसरी लहर से संक्रमण का फैलाव रोकने में बड़ी मदद मिल सकती है।
जिलाधिकारी ने निर्वतान ग्राम प्रधानों को टीकाकरण के फायदे गिनाए। कहा कि वैक्सीन लगने के बाद यदि किसी कारणवश संक्रमण होता भी है तो जान जाने का खतरा नहीं होगा। तीसरी लहर आने तक शत प्रतिशत टीकाकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में लोगों को वैक्सीन का महत्व समझ आ गया है। लोग टीका लगवाने लाइनों में घंटों खड़े हो रहे हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में लोगों में जागरूकता की कमी है।
ग्रामीणों ने दिए सुझाव
- अल्पसंख्यकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाए।
- प्रत्येक गांव में टीकाकरण के लिए कैंप लगाए जाएं
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया जाए
- जिसने वैक्सीन लगा ली है। राशन की दुकान में लाइन में उसे प्राथमिकता दी जाए।
- वैक्सीन को लेकर ग्रामीणों के भ्रम दूर किए जाएं।
पूरी तरह सुरक्षित है टीका
जिलाधिकारी सी रविशंकर ने कहा कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है। किसी व्यक्ति को सामान्य बुखार आ सकता है। एक दिन के बुखार के बाद धीरे-धीरे सब सामान्य हो गया। निवर्तमान प्रधानों से कहा कि ग्रामीणों को वैक्सीन का महत्व समझाएं। कुछ ग्रामीण इलाकों या समुदाय में वैक्सीन लगाने के लिए लोग मना कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।
कोरोना महामारी की रोकथाम और जरूरतमंदों तक चिकित्सा सामग्री पहुंचाने के लिए आम आदमी पार्टी भी सेवा अभियान में जुट गई है। हर गांव कोरोना मुक्त अभियान के तहत आप ने पहाड़ों के लिए राहत किट तैयार की है। बृहस्पतिवार को पहाड़ों के लिए किट रवाना की जाएगी। अभियान में एक हजार कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांवों में ऑक्सीजन जांच केंद्र खोला जाएगा। इन जांच केंद्रों में सभी जरूरी उपकरण के साथ जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन की व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रदेश कार्यालय में आप प्रवक्ता रविंद्र आंनद ने हर गांव कोरोना मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए आप पार्टी अपनी टीमों के माध्यम से प्रत्येक गांवों में आईआर थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर, थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर और दवाइयां समेत मेडिकल किट बनाने का काम पिछले तीन दिनों से कर रही है। अब सभी तैयारियां पूरी होने पर ये किटें तीन मई को पहाड़ों के लिए प्रदेश कार्यालय से रवाना की जाएगी।
अभियान के तहत पहले चरण में प्रदेश के हर विधानसभा के 50 गांवों में आप पार्टी ऑक्सीजन जांच केंद्र खोलेगी। इसके लिए एक हजार कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर इस अभियान को लीड करेंगे। गढ़वाल और कुमाऊं दोनों ही मंडलों के गांवों के लिए जरूरी सामान इस अभियान के तहत भेजा जा रहा है। इस किट में सभी जरूरी उपकरण के साथ दवाइयां भी रखी गई जो जरूरतमंदों तक पहुंचाई जाएगी। हर विधानसभा के 50 गांवों में इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है।