प्रदेश में प्रतिदिन कोरोना संक्रमित मामले कम हो रहे हैं। शुक्रवार को 71 दिन बाद सबसे कम संक्रमित मामले मिले हैं। उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 287 नए मामले दर्ज किए गए। वहीं 21 मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा 1614 मरीजों को आज ठीक होने के बाद घर भेजा गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को अल्मोड़ा में 13, बागेश्वर में 15, चमोली में 11, चंपावत में 26, देहरादून में 93, हरिद्वार में 44, नैनीताल में 07, पौड़ी में 09, पिथौरागढ़ में 37, रुद्रप्रयाग में 05, टिहरी में 13, ऊधमसिंह नगर में 06 और उत्तरकाशी में 08 मामले सामने आए हैं।
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प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल मामलों की संख्या तीन लाख 36 हजार 153 हो गई है। इनमें से तीन लाख 18 हजार 235 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, वर्तमान में 5277 सक्रिय मरीजों का उपचार चल रहा है। प्रदेश में 24 घंटे में 21 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। वहीं, देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, उत्तरकाशी जिले में 10 कोरोना मरीजों की मौत बैकलॉग की है। राज्य में कोरोना के चलते अब तक 6909 लोगों की जान जा चुकी है।
209 लोगों को लगी कोरोना वैक्सीन
हरिद्वार जिले के मंगलौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को 45 वर्ष से अधिक की आयु वाले 44 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। कस्बे के मोहल्ला कटहरा व हल्का में मोबाइल टीम ने 45 वर्ष से अधिक आयु के 85 लोगों को कोरोना का टीका लगाया।
नगर पालिका परिषद के कार्यालय पर 18 वर्ष से अधिक की आयु वाले 80 युवाओं को टीके लगाए गए हैं। अधिशासी अधिकारी अजहर अली ने बताया कि कस्बे के सभी वार्डों में वैक्सीनेशन सेंटर लगाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों टीकाकरण हो सके।
संक्रमितों की तुलना में ज्यादा मरीज स्वस्थ होने से प्रदेश की रिकवरी दर 94 प्रतिशत अधिक हो गई है।
प्रदेश में कोरोना इलाज के लिए सीटी स्कैन की दरें निर्धारित
प्रदेश सरकार ने कोरोना मरीजों के लिए सीटी स्कैन की दरें तय कर दी है। इससे निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे कोरोना संक्रमित या संदिग्ध मरीजों को राहत मिली है। निजी अस्पताल अब कोरोना मरीजों से सीटी स्कैन के मनमाने दाम नहीं वसूल सकेंगे।
सचिव स्वास्थ्य डा. पंकज कुमार पांडेय ने सीटी स्कैन की दरें निर्धारित करने का आदेश जारी किया है। जिसमें 16 से कम स्लाइस के सीटी स्कैन की दरें 2800 रुपये और 16 से ज्यादा स्लाइस के सीटी स्कैन की दरें 3200 रुपये तय की गई हैं।
कोरोना मरीज के फेफड़ों में संक्रमण का पता लगाने के लिए सीटी स्कैन किया जाता है। अभी तक निजी अस्पताल सीटी स्कैन के मनमाने दाम वसूल रहे थे। यहां तक एक सीटी स्कैन के छह से सात हजार रुपये लिए जा रहे थे।
कुंभ मेले में हुई कोरोना टेस्ट घोटाले की जांच शुरू
हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के कोरोना टेस्ट कराने में फर्जीबाड़े की जांच शुरू हो गई है। जांच समिति अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गहरवार के पास शासन से पत्रावलियां पहुंच गई हैं। सीडीओ ने कहा कि जल्द ही जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की कोरोना जांच करने के लिए कुछ लैबों को अधिकृत किया गया था। इसमें सरकारी और निजी लैब शामिल थीं। कोरोना टेस्ट में फर्जीवाड़े की शिकायत पर स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने जांच कराई तो मामला प्रथम दृष्टया सही पाया गया था। 10 जून को स्वास्थ्य सचिव ने जिलाधिकारी को विस्तृत जांच कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए थे।
स्वास्थ्य सचिव के आदेश पर जिलाधिकारी सी रविशंकर ने शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। समिति में मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी और जिला विकास अधिकारी पुष्पेंद्र चौहान को शामिल किया गया है।
समिति के अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी सौरभ सिंह गहरवार ने बताया कि उन्हें शासन की ओर से मामले से जुड़ी हुईं पत्रावलियां मिल चुकी हैं। इसलिए उन्होंने प्रकरण की फिलहाल पत्रावलियों के आधार पर जांच भी शुरू कर दी है। लैब से जुड़े अन्य दस्तावेज भी एकत्र करने शुरू कर दिए गए हैं। शीघ्र ही जांच रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को दे दी जाएगी।
25 दिन से लगातार कोरोना से मौत का बैकलॉग
उत्तराखंड में स्वास्थ्य महकमा कोरोना से हो रही मौतों को छुपाने के सवालों का सामना कर रहा है। यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि प्रदेश के अस्पताल 24 घंटे में होने वाली मौतों की जानकारी समय पर नहीं दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, पिछले 25 दिनों से लगातार कोरोना से मौतों का बैकलॉग दिखाया गया है। अब तक बैकलॉग में दिखाई गई मौतों की संख्या 912 का आंकड़ा पार कर चुकी है। हालांकि सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी मौतों के आंकड़ों छुपाए जाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं। उनका कहना है कि मौतों को छुपाने जैसा कुछ नहीं है। वे इसे अस्पतालों की प्रशासनिक व्यवस्था में देरी बता रहे हैं।
सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटीज फाउंडेशन के विश्लेषण के मुताबिक, कोरोना की पहली लहर में 17 अक्टूबर 2020 को पहली बार 89 मौतों का बैकलॉग रहा। उसके बाद दूसरी लहर में नौ मई को हेल्थ बुलेटिन में 29 मौतों का बैकलॉग था। बुलेटिन में 180 मौतों की सूचना थी।
इससे जुदा 29 मौतों के बैकलॉग की जानकारी बुलेटिन में दी गई थी। ये सभी मौतें विकासनगर एक निजी अस्पताल में हुई थीं। इसी तरह 14 मई को 65 मौतों का बैकलॉग दिखाया गया। यदि पिछले 25 दिन के बुलेटिन पर देखें तो उसमें 17 मई से 10 जून तक हर दिन मौतों का बैकलॉग दर्ज है। अब जबकि सरकार कोराना संक्रमण की दर में आई कमी से कुछ राहत में है, कोरोना से हो रही मौतों को लेकर उस पर सवाल उठ रहे हैं। न्यायालय ने भी उससे डेथ ऑडिट के बारे में जानकारी मांगी है।
पिछले 25 दिनों से लगातार बैकलॉग डेथ
17 मई को 87, 18 मई को 19, 19 मई को 83, 20 मई को 79, 21 मई को 46, 22 मई को 70, 23 मई को 18, 24 मई को 27, 25 मई को 12, 26 मई को 40, 27 मई को 07, 28 मई को 08, 29 मई को 41, 30 मई को 09, 31 मई को 07, 01 जून को 09, 02 जून को 08, 03 जून को 07, 04 जून को 15, 05 जून को 17, 06 जून को 12, 07 जून को 11, 08 जून को 53, 09 जून को 30, 10 जून को 14 (कुल योग 912)
सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश की सभी निजी लैबों की जांच का आदेश नहीं दिया गया है। इस बारे में सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी साफ तौर पर कहा कि कोविड-19 सैंपल को लेकर शिकायत मिलने पर ही जांच की जाएगी। यदि विभाग को किसी लैब के सैंपल पर संदेह है तो उसकी जांच के बाद ही भुगतान के मौखिक निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ के दौरान एक कंपनी की ओर से किए गए रेपिड एंटीजन जांच में फर्जीवाड़े की शिकायत मिली थी। जिसमें जिलाधिकारी हरिद्वार को जांच सौंप कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है, लेकिन सरकार व विभाग की ओर से प्रदेश भर में एंटीजन व आरटीपीसीआर सैंपल टेस्ट करने वाली निजी लैबों की जांच करने का आदेश नहीं दिया गया है।
पॉजिटिव कम, निगेटिव ज्यादा
हरिद्वार कुंभ में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नौ कंपनियों के साथ अनुबंध किया था। सभी कंपनियां उत्तराखंड से बाहर की हैं। एक व्यक्ति की शिकायत के बाद रैपिड एंटीजन टेस्ट करने वाली एक फर्म में फर्जीवाड़ा सामने आया है।
विभागीय जांच में कंपनी से कुंभ के दौरान एक लाख से अधिक एंटीजन सैंपलों की जांच की है। इसमें पॉजिटिव सैंपल कम और निगेटिव ज्यादा है। साथ ही अधिकतर सैंपल कलेक्शन में राजस्थान व अन्य दूसरे राज्यों के लोगों की एंट्री है। साथ ही एक ही क्षेत्र से मकान नंबर सीरियल में लिखे गए हैं। एक मोबाइल नंबर और सैंपल आईडी पर निगेटिव रिपोर्ट जारी की गई है।