हरिद्वार में सिडकुल स्थित हिंदुस्तान यूनिलीवर ने सीएसआर मद से कोविड मरीजों के इलाज के लिए जिलाधिकारी सी रविशंकर को 50 ऑक्सीजन कंसंस्ट्रेटर दिए हैं। जिलाधिकारी ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सिडकुल की कंपनियां के सहयोग की सराहना की।
सिडकुल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन अध्यक्ष अरुण सारस्वत ने कहा कि ऑक्सीजन कंसंस्ट्रेटर कोरोनाकाल में ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने में मददगार साबित होंगे। ऑक्सीजन कंसंस्ट्रेटर छोटा और हल्का होने के कारण कहीं भी परिवहन किया जा सकता है। यह हवा से ऑक्सीजन की मात्रा को खुद ऑब्जर्व करता है।
कंपनी के प्लांट हेड संजीव डे ने कहा कि हिंदुस्तान यूनिलीवर महामारी में प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। सिडकुल आरएम गणपति रावत ने कहा कि औद्योगिक संस्थाएं प्रशासन के हरसंभव सहयोग के लिए आगे आ रही हैं। इस दौरान हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी सीनियर एचआर एग्जीक्यूटिव रमाकान्त सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
मिशन हौसला तहत पुलिस ने एक माह में 31 हजार से ज्यादा लोगों की पुकार सुनी। इन कॉल पर लगभग एक लाख लोगों तक राशन पहुंचाया गया और ढाई हजार से अधिक लोगों को प्राणवायु (ऑक्सीजन) पहुंचाई गई। एक माह का लेखा जोखा पुलिस प्रवक्ता डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने मीडिया के सामने रखा।
डॉ. भरणे ने बताया कि कोविड काल में लोगों की मदद के लिए मिशन हौसला शुरू किया गया था। इस दौरान लोगों को दवाएं पहुंचाने से लेकर उन्हें अस्पताल में बेड तक मुहैया कराए गए। पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने दिन-रात ड्यूटी करते हुए लोगों को इस मुसीबत से बाहर निकालने में मदद की। यही कारण है कि पुलिस की चारों ओर प्रशंसा हो रही है।
इसके लिए प्रदेश में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इन पर वर्तमान में भी कॉल प्राप्त हो रही हैं। इनमें लोगों को जानकारी देने के साथ-साथ मदद भी पहुंचाई जा रही है। वर्तमान में आने वाली कॉल में भी कमी आई है। लिहाजा, पुलिस फोर्स को भी राहत मिली है।
मिशन हौसला की एक माह की रिपोर्ट
कुल कॉल- 31815
ऑक्सीजन पहुंचाई- 2726
बेड दिलवाए- 792
प्लाज्मा डोनेट- 217
दवाएं पहुंचाईं- 17609
एंबुलेंस मुहैया कराई- 600
राशन दिया- 94484
दाह संस्कार कराए- 792
वरिष्ठ जनों की सहायता- 5252
2300 से ज्यादा पुलिसकर्मी भी संक्रमित
लोगों की मदद करते हुए अब तक कुल 2382 पुलिकर्मियों को कोरोना हुआ है। यही नहीं उनके 751 परिजन भी संक्रमित हुए हैं। इनमें पांच जवानों और उनके 64 परिजनों की मृत्यु भी हुई है। बावजूद इसके पुलिस के जवान इन दिनों खाकी में इंसान की भूमिका बखूबी निभा रहे हैं।
शुरूआत से ही हमारा ध्येय रहा है कि पुलिस अपराधियों पर सख्त और जनता के प्रति नरमी से काम करेगी। उत्तराखंड पुलिस की इसी मानवता की मिसाल आज पूरा देश दे रहा है। मिशन हौसला मिशन मोड में समाप्त हो गया है, लेकिन पुलिस की ओर से जरूरतमंदों की मदद आगे भी जारी रहेगी।
- अशोक कुमार, डीजीपी