सवाल: डॉक्टर साहब कुछ दिन से छाती में दर्द है। खांसते और लंबी सांस लेते हुए दर्द हो रहा है। पिछले दस दिन से यह शिकायत है। उम्र 30 साल है। ईसीजी नार्मल है। कोई बड़ी दिक्कत तो नहीं है?- मोहम्मद शहजाद, लक्सर
डॉक्टर: घबराने की जरूरत नहीं है। निकटवर्ती डॉक्टर को दिखाकर छाती का एक्सरे करवा लें। उसके बाद डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लें।
सवाल: सप्ताहभर से शरीर में बहुत थकान महसूस हो रही है, न खांसी है न बुखार है। इखलाक रुड़की
डॉक्टर: यह जनरल कोई सांस से संबंधी दिक्कत हो सकती है। इंफेक्शन के लक्षण नहीं दिख रहे हैं। जनरल फिजिशियन को दिखाकर जांच करा सकती हो कि यह सुस्ती क्यों है।
सवाल: जो थर्मामीटर से बुखार चेक कर रहे हैं क्या उससे भी पता चल जाता है कोराना का? -रामकुमार रुड़की
डॉक्टर: उससे सिर्फ यह पता चलता है कि बुखार है कि नहीं। जो इसका मुख्य लक्षण होता है एक बुखार भी होता है। इसलिए जो बाहर से आ रहे हैं, दूसरे देश से आ रहे हैं, उन्हें बुखार है, इसलिए उन्हें देखा जाता है कि बुखार तो नहीं है। बुखार होने पर उन्हें ऐसी शंका होती है कि कोरोना हो। इसलिए उन्हें कहा जाता है कि 14 दिन तक घर में रहें या अस्पताल में जो आइसोलेशन वार्ड बनाएं हैं वहां रहें। फिर आगे की जांच और उपचार किया जाता है।
सवाल: नॉर्मल खांसी, जुखाम, बुखार है, घबराने की तो कोई जरूरत नहीं?- राममूर्ति देहरादून
डाक्टर : नहीं, घबराने की जरूरत नहीं, यह नार्मल फ्लू है। निकटवर्ती योग्य डॉक्टर को दिखाएं और उनकी सलाह पर उपचार कराएं। घर में पका खाना खाएं।
सवाल: हल्की खांसी, जुखाम होने के साथ बलगम भी आ रहा है। कोई बड़ी दिक्कत की बात तो नहीं?
डॉक्टर: घबराएं नहीं, बल्कि किसी नजदीकी योग्य डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर की बताई दवा लेने के साथ ही तीन-चार दिन तक घर में रहिए। फल सब्जियां जैसे पोषक तत्व लेते रहिए।
सवाल: कोरोना संक्रमित व्यक्ति कहीं पर खांसता है तो कितने समय तक इसका वायरस उस जगह पर रह सकता है?- विकास रावत, कीर्तिनगर टिहरी गढ़वाल
डॉक्टर: कोरोना का वायरस छींक-खांसते हुए बूंद में चिपक कर आगे बढ़ता है। इसलिए संक्रमित व्यक्ति से एक मीटर की दूरी पर रहने को कहा जाता है। हवा में इस वायरस के एयर ट्रेवल कर एक-दो मीटर से ज्यादा नहीं जा सकने का पता लगा है। हां, यह अगर संक्रमित व्यक्ति से छींक या हाथ आदि के संपर्क से किसी किसी चीज पर वायरस पहुंच जाता है तो उसके छह से 12 घंटे तक जीवित रहने की अभी तक अध्ययन में बात सामने आई है। इस संक्रमित चीज को कोई स्वस्थ व्यक्ति छूता है तो वह भी संक्रमित हो सकता है।
सवाल: क्या 30 मार्च के बाद या मौसम बदलने के बाद कोरोना चला जाएगा ?
डॉक्टर: अभी संक्रमण है, इसलिए एहतियात बरतने की जरूरत है। तापमान बढ़ने पर इसका प्रभाव कम होगा ऐसा माना जा रहा है, लेकिन कोई ठोस वैज्ञानिक अध्ययन अभी इस पर नहीं है।
हेल्थ हेल्पलाइन में यह भी सवाल आए हैं कि कोरोना के संक्रमण को देखते हुए नॉनवेज नहीं खाना है या अंडा नहीं खाना है? क्या इससे यह फैलता है। इस पर डॉक्टरों ने कहा कि ऐसा नहीं है कि नॉनवेज से कोरोना फैलता है।
उन्होंने बताया कि हमारे देश में तो बिना पकाया मांस आदि खाते ही नहीं है। चांस तब हैं जब मांस काट रहे हों और वहां पर आपकी उपस्थिति हो। कोई बैट है कैट, वहां से कोई भी वायरस आ सकता है। लेकिन जब पकाकर खा रहे हैं तब कोई दिक्कत नहीं है।
इम्युनिटी बढ़ाने पर करें फोकस
डॉक्टरों ने कहा कि अब तक हमारे देश मेें लेवल टू का कोरोना संक्रमण है। लेवल तीन बहुत खतरनाक होगा। इसलिए तब तक हमें जरूरी एहतियात बरतनी है और अपनी इम्युनिटी पावर बढ़ा देनी है। इसके लिए घर का सादा खाना लें।
तला और अत्यधिक नमक व मसालेदार भोजन कम लें। सीजनल फल जिसमें मौसमी, चीकू, केला, अंगूर आदि लें। ग्रीन टी, अदरक की चाय और तुलसी के पत्ते की चाय लें। तरल पदार्थ ज्यादा से ज्यादा लें। गुनगुना पानी पिएं। ठंडी चीजों से परहेज करें। नियमित रूप से योग और एक्सरसाइज करें।