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उत्तराखंडः कोरोना संक्रमण पर हालात बिगड़ने की स्थिति में पुलिस घर पर पहुंचाएगी जरूरत का सामान 

Fri, 20 Mar 2020 02:40 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • देर रात डीआईजी ने की थाना प्रभारियों के साथ बैठक, हालात बिगड़ने की स्थिति में पुलिस करेगी शहरवासियों की मदद
  • सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों की दुकानों की सूची बनाने के निर्देश 
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विस्तार
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कोरोना के संक्रमण के संभावित खतरे के मद्देनजर पुलिस ने भी कमर कस ली है। हालात बिगड़ने की स्थिति में पुलिस दैनिक उपयोग की वस्तुएं जरूरतमंद लोगों के घरों तक पहुंचाएगी, ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस संबंध में बृहस्पतिवार देर रात डीआईजी ने बैठक कर सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं।  
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डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने मीटिंग के दौरान सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वह कोरोना से संबंधित किसी भी सूचना पर जल्दबाजी न करें। सभी पुलिसकर्मी सुरक्षा उपायों के साथ संबंधित स्थान या व्यक्ति के पास पहुंचे।

साथ ही अपने-अपने थाना क्षेत्र में दैनिक जरूरतों की आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी न होने दें। जरूरत की सभी चीजें सभी लोगों को आसानी से मुहैया होनी चाहिए। वायरस संक्रमण के हालात खराब होने की संभावना के मद्देनजर अपनी तैयारी रखें। प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित हो सकती हैं। 
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ऑनलाइन बिल जमा करने की अपील

कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के चलते यूपीसीएल ने सभी उपभोक्ताओं से अपील कि है कि वह बिलिंग सेंटर आने से बचें। इसके बजाय वह ऑनलाइन, गूगल पे, पेटीएम, मोबाइल एप आदि के माध्यम से बिलिंग करें। परिवहन विभाग ने 31 मार्च तक आम लोगों की संख्या को सीमित करने के लिए अपने कार्य घटा दिए हैं। विभाग में अब स्थायी लाइसेंस समेत छह कार्य ही होंगे। 

ये होंगे छह कार्य

- जिनका लर्निंग लाइसेंस एक हफ्ते में खत्म हो रहा है, उनका स्थाई लाइसेंस बनाया जाएगा।
- स्टेज चार मानक वाले नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के आवेदन पत्र लिए जाएंगे, भौतिक निरीक्षण की जरूरत नहीं।
- जिन वाहनों के फिटनेस की अवधि समाप्त हो रही है, उन्हें सर्टिफिकेट जारी होंगे।
- स्थाई व अस्थाई परमिटि संबंधी आवेदन पत्र।
- प्रतिबंधित वाहनों पर पेनल्टी वसूली।
- मंजिली वाहनों का मोटरयान कर वसूली।

वाहनों को सैनेटाइज करने का ब्योरा देना होगा

उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों, निजी बसों, मैक्सी टैक्सी कैब, थ्री व्हीलर वाहन व चौपहिया वाहनों को सैनेटाइज करने की सूचना अब एक फारमेट पर हर हाल में देनी होगी। इस संबंध में परिवहन आयुक्त ने सभी आरटीओ व एआरटीओ को कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। 

25 तक कार्यालय बंद, घर से करें रजिस्ट्रेशन

कोरोना वायरस से बचाव के लिए सेवायोजन कार्यालय को 25 मार्च तक बंद कर दिया गया है। अगर कोई युवा पंजीकरण कराना चाहता है तो घर बैठे अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। 

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

-www.edistrict.uk.gov.in पर जाएं
-होम पेज में जाकर लॉग इन पर जाएं। 
-लॉग इन पर dont have an user account के विकल्प को चुनकर अपनी लॉग-इन आईडी बनाकर अपना रजिस्ट्रेशन या नवीनीकरण कर सकते हैं।
-रजिस्ट्रेशन के लिए अपने प्रमाणपत्रों की पीडीएफ फाइल 300 केबी से कम साइज में स्कैन कर अपलोड करें।

ये चाहिए दस्तावेज:

-मूल निवास प्रमाणपत्र (उत्तराखंड के किसी भी जिले का)
-लोकल आईडी (जिनका मूल निवास देहरादून के अलावा अन्य जिला है उनके लिए आधार कार्ड, डीएल वोटर आईडी, राशन कार्ड)
-जाति प्रमाणपत्र (केवल अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग)
-जन्मतिथि प्रमाणपत्र (हाई स्कूल की मार्क्सशीट व प्रमाणपत्र)
-अंतिम शैक्षिक योग्यता या तकनीकी योग्यता की मार्क्सशीट
-नवीनीकरण के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कार्ड (एक्स-10) भी अपलोड करें
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आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का काम ठप

आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का काम फिलहाल बंद कर दिया गया है। कोरोना के मद्देनजर परिवहन विभाग ने यह कदम उठाया है। आरटीओ ने बताया कि आरटीओ दफ्तर में सिर्फ  वही वाहन स्वामी दाखिल हो सकेंगे जिन्हें परमिट बनाना और टैक्स जमा करना है। या फिर वाहनों का निस्तारण कराना है। वाहन स्वामियों से इतर अन्य किसी भी व्यक्ति को दफ्तर में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

आवश्यक हो तभी कोर्ट परिसर आएं वकील 

जिस वकील का कोर्ट में बहुत जरूरी काम है वही परिसर में आएगा। जिला जज देहरादून ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कोरोना के खतरे को देखते हुए अनावश्यक भीड़भाड़ से वकीलों और न्यायिक अधिकारियों को दूर रहने की हिदायत दी है। 

हाईकोर्ट नैनीताल की ओर से इससे पहले भी इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए थे। चूंकि, न्यायिक कार्यों को लंबे समय तक बंद नहीं किया जा सकता तो उन्होंने न्यायालयों की छुट्टी की घोषणा नहीं की थी। हालांकि, भीड़भाड़ को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा था।

इस क्रम में न कैदियों की पेशी होगी और न कोई गवाह गवाही के लिए आना जरूरी है। इसके चलते बीते एक सप्ताह से किसी भी मुकदमे में अंतिम सुनवाई नहीं हो सकी है। सोमवार से सभी कैदियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही की जा रही है। 
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