मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा रानी पैन्यूली ने बताया कि बोर्ड परीक्षा वाले स्कूलों के अलावा सभी स्कूल बंद रहेंगे। सरकारी स्कूलों की गृह परीक्षाएं भी स्कूल खुलने के बाद ही होंगी। जिन निजी स्कूलों की गृह परीक्षाएं नहीं हुई हैं, उन्हें भी बाद में परीक्षा आयोजित करनी होगी।
नए शैक्षिक सत्र की शुरूआत एक अप्रैल से होती है। लेकिन, सरकार के इस फैसले से नया शैक्षिक सत्र भी पिछड़ जाएगा। एक अप्रैल के बाद परीक्षा होने और परिणामों की घोषणा में कई दिन का समय लग सकता है। जिससे अप्रैल 15 के बाद नए सत्र के शुरू होने की संभावना है।
कोरोना वायरस संबंधी सख्त आदेश के बाद भी कई स्कूलों के खुलने पर डीएम ने सख्त तेवर दिखाते हुए ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करने के आदेश दिए हैं। डीएम ऐसे स्कूलों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव के अनुसार कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बोर्ड परीक्षा के अलावा सभी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बावजूद कई स्कूलों के खोले जाने की शिकायत मिली है। जिसे लेकर मुख्य शिक्षाधिकारी आशारानी पैन्यूली को ऐसे स्कूलों की सूची बनाने को कहा गया है।
ऐसे स्कूल संचालकों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि कई स्कूल ऐसे हैं, जहां विदेशी बच्चे भी पढ़ते हैं। हालांकि अभी कहीं से भी कोरोना वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन इसे लेकर पूरी सतर्कता बरत रहा है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दून स्कूल, वेलहम ब्वायॅज एंड गर्ल्स और यूनिसन स्कूल खोले जाने के बारे में जानकारी नहीं है। उनके द्वारा अभी तक कोई पत्र मुझे नहीं मिला है।
कोरोना वायरस का खतरा है। इसे देखते हुए स्कूलों को बंद रखने को कहा गया है। कोरोना को देखते हुए सभी स्कूलों को 31 मार्च तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं, जिसका सभी स्कूल प्रबंधकों को हरहाल में पालन करना होगा। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी