राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार को 04 कोरोना से मिलते जुलते लक्षणों वाले कोरोना संदिग्ध मरीजों को भर्ती कराया गया है। अब यहां सात संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। कोरोनेशन अस्पताल में 08 और कोरोना संदिग्ध मरीज भर्ती किए गए हैं। इनमें ज्यादातर विदेशियों के संपर्क में रहे हैं। इसके अलावा एक युवक थाइलैंड,एक महिला फ्रांस और दो युवक चंडीगढ़ से घूम कर आए हैं।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट की अगुवाई में मेडिकल टीम इनका उपचार कर रही है।बताया गया कि दो युवक कोरोना के भय से घबराए हुए थे। जिनकी डॉ. एनएस बिष्ट ने करीब एक घंटे काउंसलिंग कर उन्हें समझाया। तब जाकर वह सामान्य हुए। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीसी रमोला का कहना है कि अस्पताल में फिलहाल सत्रह संदिग्ध भर्ती हैं। सभी मरीजों की हालात सामान्य है।
तीन छात्रों समेत पांच को नहीं है कोरोना
कोरोना संक्रमण के फैलने की दहशत के बीच एक राहत भरी खबर आई है। वह यह कि कोरोनेशन अस्पताल में मसूरी के बोर्डिंग स्कूल के जो दो छात्र, देहरादून का एक छात्र और दो अन्य मरीज भर्ती थे, उन सभी की कोरोना जांच की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। बता दें कि ये लोग कुछ समय पहले जर्मनी, दुबई, बैंकॉक और इटली आदि देशों से घूम कर आए थे। जिन्हें पहले मसूरी और अन्य असपतालों के में भर्ती कराया गया था। उसके बाद राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहुंचाया गया।
विदेश से लौटे लोगों की सूचना पर दौड़ रही पुलिस
कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ रही है। अपने पड़ोस में विदेश यात्रा कर लौटने वालों को संदिग्ध मानकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया जा रहा है। पुलिस हर सूचना पर मौके पर पहुंचकर वेरीफाई कर रही है। इनमें से कई लोग ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने विदेश से लौटने के बाद से खुद को कमरे में बंद किया हुआ है। हालांकि, इनमें प्रथम दृष्टया कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं।
राजधानी देहरादून में दो दिन में पुलिस के पास इस तरह की 23 सूचनाएं पहुंची हैं। डायल 112, थाना प्रभारी, सीओ, एसपी सिटी और डीआईजी तक सीधे संपर्क साध रहे हैं। पुलिस भी हर सूचना को गंभीरता से लेकर कार्रवाई में जुटी है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर सत्यापन कर रही है। इनमें कुछ ऐसे हैं, जो यात्रा से लौटने के बाद खुद घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। कई ऐसे हैं, जो काफी समय पहले यात्रा करके आए हैं। इन लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी जा रही है।
ओवर रेटिंग के खिलाफ सक्रिय हुआ जिला प्रशासन
कोरोना के खौफ से जिले में ओवर रेटिंग को रोकने के लिए देहरादून जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार को एसडीएम सदर के नेतृत्व में जिला पूर्ति अधिकारी, बाट माफ निरीक्षक एंव ड्रग्स इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में मेडिकल स्टोरों, दुकानों, पेट्रोल पंपों और दुकानों पर छापा मारा। मेडिकल स्टोरों के निरीक्षण के दौरान बीस में से चार मेडिकल स्टोर ऐसे मिले। जहां पर सेनेटाइजर और मास्क ओवर रेट से बेचे जा रहे थे। इस पर टीम की ओर से चार मेडिकल स्टोर का चालान कर दिया।
रुड़की निवासी एक रिटायर्ड फौजी को खांसी, बुखार और सिरदर्द की शिकायत अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां कोरोना की आशंका में डॉक्टरों ने उन्हें ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया। शनिवार को रिटायर्ड फौजी को कोरोना के शक में एम्स में भर्ती कराने की सूचना स्थानीय एलआईयू को लगी तो एक टीम उस अस्पताल में पहुंची, जहां उसे भर्ती कराया गया था।
रुड़की: दुबई से लौटे व्यक्ति की जांच, एक आइसोलेशन में
विदेश से घर लौटे एक व्यक्ति की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस उसके घर पहुंची। विभागीय टीम ने उसके स्वास्थ्य की जांच की तो ठीक मिला। एहतियातन उसे 14 दिन तक स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगरानी में रखेगी। वहीं, अमेरिका से लौटे 26 वर्षीय युवक को सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। उसका सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया है।
उधर, 16 फरवरी को एक युवक अमेरिका से लौटा था। उस वक्त जांच में उसमें कोरोना जैसे लक्षण नहीं मिले थे। शनिवार को वह सिविल अस्पताल पहुंचे और पिछले चार दिनों से तेज बुखार, खांसी व जुकाम की जानकारी दी। जांच के दौरान ट्रेवल हिस्ट्री पाए जाने के चलते उसे लक्षणों के आधार पर संदिग्ध मानते हुए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया। सीएमएस संजय कंसल ने बताया कि युवक का सैंपल लेकर दिल्ली भेजा जा रहा है। उसे अमेरिका से लौटे करीब 36 दिन हो गए है, फिर भी उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा जा रहा है।
दरगाह पहुंचे जायरीन बिना इबादत के लौटे
दरगाह साबिर पाक समेत तीन दरगाह बंद होने से पिरान कलियर में सन्नाटा पसरा रहा। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने शनिवार शाम से जायरीनों और आम जनता के लिए दरगाह साबिर पाक, दरगाह इमाम साहब, किलिकिली साहब को 20 अप्रैल तक बंद कर दिया है। लिहाजा दरगाह पहुंचे जायरीनों को बिना इबादत के लौटना पड़ा।
इमरजेंसी हो तभी आएं ईएसआईसी डिस्पेंसरी
कोई इमरजेंसी हो तभी ईएसआईसी की डिस्पेंसरी आएं। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए रुड़की में ईएसआईसी प्रशासन ने श्रमिकों के लिए गाइडलाइन जारी कर यह अपील की है। साथ ही कहा है कि बच्चों और बुजुर्गों को साथ लेकर बिल्कुल न आएं और 31 मार्च तक जहां तक संभव हो घर में ही रहें। वहीं, शनिवार को भी डिस्पेंसरी की ओपीडी में अन्य दिनों के मुकाबले कम श्रमिक आए।