उत्तराखंड में कोविड टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू हो गया है। पहले दिन टिहरी जिले को छोड़कर 12 जिलों में 4247 फ्रंट लाइन वर्करों ने वैक्सीन लगवाई है। हेल्थ वर्करों की तुलना में फ्रंट लाइन वर्करों में वैक्सीन लगवाने के लिए खासा उत्साह देखा गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रदेश में कोविड वैक्सीन लगने से कोई गंभीर मामला सामने नहीं आया है।
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केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सोमवार से फ्रंट लाइन वर्करों को कोविड वैक्सीन लगवाने का अभियान शुरू किया गया। प्रदेश में 70 हजार से अधिक फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जानी है। पहले दिन ही 12 जिलों में 100 टीकाकरण बूथों पर 4247 फ्रंट लाइन वर्करों ने वैक्सीन लगवाई है। जिसमें सेना, पैरामिलिट्री फोर्स, पुलिस, राजस्व, नगर निकाय, पंचायतीराज विभाग के कोविड ड्यूटी में तैनात फ्रंट लाइन कर्मचारियों को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने कहा कि सोमवार से प्रदेश में फ्रंट लाइन वर्करों का टीकाकरण शुरू किया गया। इसके साथ जिलों में छूटे हुए 429 हेल्थ वर्करों को भी वैक्सीन लगाई गई। कोविड वैक्सीन से प्रदेश में अभी तक गंभीर मामला नहीं मिला है। टीका लगाने वाले सभी लोग स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं। जिन लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई है। उन्हें दूसरी डोज दी जाएगी। टिहरी जिले में फ्रंट लाइन वर्करों को पहले दिन टीका लग पाया है। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी से वैक्सीन न लगाने पर जानकारी मांगी जा रही है।