हवा की नमी: आर्द्रता कम होते ही तेज हो सकता है संक्रमण।
म्यूटेशन : वायरस की प्रकृति हर तीन महीने में बदल रही है।
भीड़ : दो हाथ से कम दूरी पर संक्रमित कर सकता है वायरस
एहतियात जो बरतनी चाहिए
सोशल डिस्टेसिंग : हर हाल में हर शख्स कम से कम दो हाथ की दूरी बरते।
कोविड जांच : जरा का शक होने पर आरटीपीसीआर जांच जरूर कराएं।
टीकाकरण : स्वस्थ होने के बाद भी संक्रमित और अन्य सभी टीका जरूर लगवाएं।
-5.5 प्रतिशत लोगों को ही लग पाई है टीके की दोनों खुराक
-23 फीसदी लोगों को ही लगाया जा सका है पहला टीका
-28.5 प्रतिशत लोग ही टीकाकरण के दायरे में आए हैं अबतक
ये बन सकते हैं संक्रमण का केंद्र
अस्पताल, मॉल, सामाजिक समारोह, घनी बस्तियां ऐसी जगह हैं जो संक्रमण के केंद्र बन कर उभर सकते हैं।
टीकाकरण में मिलनी चाहिए वरीयता
ठेले वाले, दुकानदार, दूधवाले, आटो और टैक्सी ड्राइवर, होटल व रेस्टोरेंट के कर्मचारी, बैंक, सचिवालयकर्मी और खाना व सामान की डिलीवरी करने वाले लोगों को टीकाकरण में वरीयता दी जानी चाहिए।
उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 44 संक्रमित मिले हैं। वहीं बीते 24 घंटे में एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। 144 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 819 पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार को 24576 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। अल्मोड़ा में आठ, चंपावत में दो, देहरादून में 11, हरिद्वार में आठ, नैनीताल में पांच, पौड़ी में दो, पिथौरागढ़ में एक, ऊधमसिंह नगर में चार और उत्तरकाशी में तीन मामले सामने आए।
प्रदेश में कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 3,41,274 हो गई है। इनमें से 3,27,112 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक 7,351 लोगों की मौत हो चुकी है।