सुशीला तिवारी अस्पताल में रामनगर के मरीज के भागने और 24 घंटे बाद अस्पताल के शौचालय में उसका शव मिलने की मजिस्ट्रेटी जांच होगी। डीएम सविन बंसल ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह को जांच सौंपी हैं और 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।
सिटी मजिस्ट्रेट सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ जाकर राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं अन्य चिकित्सकों से जानकारी ली। रामनगर के मरीज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
साथ ही डायबिटीज और निमोनिया से ग्रस्त थे। चिकित्सकों ने बताया कि पांच अगस्त को मरीज सुबह छह बजे अपने बिस्तर से गायब था। काफी खोजने के बाद भी पता नहीं चला और बृहस्पतिवार को उसका शव शौचालय में मिला।
सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के बाद डीएम बंसल ने उनको जांच अधिकारी नामित करते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही रिपोर्ट 15 दिन के भीतर देने को कहा है।
रामनगर के मरीज के भागने और 24 घंटे बाद उसका शव एसटीएच के शौचालय में मिलने की घटना को एसटीएच के नोडल अधिकारी और केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा ने गंभीरता से लिया है। दो टूक लहजे में कहा कि कोविड मरीजों के संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मीणा ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा और एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी समेत अन्य डाक्टरों के साथ देर शाम बैठक की। बताया कि एसटीएच के कोरोना वार्ड के बाहर अभी 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। शुक्रवार से 48 कैमरे लगने की शुरूआत हो जाएगी।
इसके बाद कैमरों की संख्या 64 हो जाएगी। बताया कि प्रत्येक कोरोना वार्ड में भी दो-दो कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने कोविड मरीजों की सुरक्षा और कड़ी करने के निर्देश दिए। कहा कि रामनगर के प्रकरण में प्राचार्य जांच कर रहे हैं और दोषी कर्मियों को निलंबित किया जाएगा। साथ ही पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
दूसरी ओर डॉक्टरों ने मीणा को बताया कि रामनगर का मरीज जब भर्ती हुआ था तो वह ग्रेड टू शुगर का मरीज था। साथ ही निमोनिया और सांस लेने में तकलीफ थी और कोविड पॉजिटिव था।
एमएस के आदेशानुसार पांच अगस्त को रोगी को पूरे अस्पताल में खोजा गया। सुरक्षा कर्मियों और पुलिस विभाग के जवानों को तलाशा और सूचना रामनगर को भी दी गई। गुरुवार फिर से तलाश की गई तो उसका शव मानसिक रोग के टीचिंग स्थान के शौचालय में मिला।
मामले की जांच राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने भी शुरू करा दी है। सूत्रों के अनुसार छह से अधिक कर्मियों की ड्यूटी चार्ट समेत अन्य विवरण एकत्र किए जा रहे हैं। पता किया जा रहा है कि ड्यूटी के समय कर्मचारी कहां थे।
छह से अधिक कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि इस संबंध में जब प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही दोषियों कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।