जनपद में वैक्सीन का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। चार दिन बाद मिली कोरोना वैक्सीन के कोटे में से केवल एक हजार डोज ही बची हैं। जानकारी के अनुसार अगले दो दिन भी वैक्सीन मिलने की संभावना नहीं है। ऐसे में गुरुवार को जनपद के सभी टीकाकरण केंद्रों पर ताले लटक जाएंगे।
सोमवार को चार दिन बाद हरिद्वार जिले को 22500 कोरोना टीकाकरण की डोज मिली थी। मंगलवार को 57 केंद्रों पर 16500 लोगों को टीका लगाया गया। बुधवार को केवल 46 केंद्रों पर टीकाकरण किया गया। करीब पांच हजार लोगों को टीका लगाया गया।
शहर में प्रेमनगर आश्रम, ऋषिकुल, देवपुरा आश्रम, कनखल बड़ा अखाड़ा केंद्र पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग टीकाकरण के लिए पहुंचे थे। तेज धूप के बाद भी लोग लाइनों में खड़े दिखे। कुछ केंद्रों पर शाम होते होते वैक्सीन की डोज खत्म हो गई और बड़ी संख्या में लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
जनपद में अब केवल एक हजार डोज की बची है। गुरुवार सुबह को कुछ केंद्रोें पर यह डोज खत्म हो जाएगी और जनपद के अधिकांश केंद्रों पर ताले लटक जाएंगे। एसीएमओ डॉ. अजय कुमार ने बताया कि अभी शासन से डोज मिलने के कोई निर्देश नहीं मिले हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दो जुलाई तक ही डोज मिल सकती है।
474 ने लगवाया कोरोना का टीका
ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में चल रहे टीकाकरण केंद्र में रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. नरेश चौधरी की देखरेख में टीकाकरण किया गया। 474 लोगों को टीका लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डॉ. नलिंद असवाल व डॉ. सुबोध जोशी ने टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। रेडक्रॉस स्वयंसेवकों में विकास देसवाल, डॉ. भावना जोशी, डॉ. वैशाली, डॉ. स्वपनिल, डॉ. उर्मिला पांडेय, डॉ. आराधना रावत आदि मौजूद रहे।
उत्तराखंड में कोरोना मरीजों की मौत की सूचना अस्पतालों की ओर से छिपाई जा रही है। बुधवार को पहली बार एक ही दिन में बैकलॉग की 218 कोरोना मरीजों की मौतों का खुलासा हुआ है। जो पिछले छह महीनों में अलग-अलग तिथि को हुई थी। अब तक प्रदेश में बैकलॉग मौतों का आंकड़ा 1210 हो गया है।
मरीजों की मौत की सूचना देने में लापरवाही बतरने अस्पतालों पर अब सरकार की ओर से कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने बैकलॉग की मौतें बताने वाले अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक और मुख्य चिकित्साधिकारी को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रदेश में 17 अक्तूबर 2020 को पहली बार 89 कोरोना मरीजों की मौत बैकलॉग की सामने आई थी। जबकि 09 मई 2021 को विकास नगर के कालिंदी अस्पताल में 29 मौतें बैकलॉग का खुलासा हुआ था। 14 मई को हरिद्वार जिले के बाबा बर्फानी अस्पताल में 65 मौतें सामने आई थी। इसके बाद प्रदेश में लगातार बैकलॉग की मौतें सामने आ रही है। सरकार की ओर से अस्पतालों की ओर से समय पर मरीजों के मौते की सूचना न देने पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद भी अस्पताल इस आदेश के ठेंगा दिखा रहे हैं।
बुधवार को एक दिन में 218 कोरोना मरीजों की मौतें बैकलॉग होने का रिकॉर्ड बना है। जबकि जनवरी 2021 से लेकर जून माह के बीच मौतें शामिल हैं। जबकि 24 घंटे में तीन मरीजों की मौतें हुई है।
कोरोना मरीजों की मौत की सूचना समय पर न देने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक और मुख्य चिकित्साधिकारी को नोटिस जारी किए गए है। जिसमें एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूर्व में भी सभी अस्पतालों और सीएमओ को कोरोना मरीजों की मौत की सूचना तत्काल राज्य कोविड कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिए गए थे।
-अमित सिंह नेगी, सचिव स्वास्थ्य
सरकार और स्वास्थ्य विभाग का कोविड मैनेजमेंट सिस्टम किस तरह का काम कर रहा है। यह बैकलॉग मौतों से स्पष्ट होता है। एक दिन में बैकलॉग की 218 मरीजों की मौतें सामने आना है। बेहद चिंताजनक है। अस्पतालों में कोरोना मरीजों की मौतें हो रही है। लेकिन अस्पताल इसकी सूचना तक नहीं दे रहे हैं। इस पर सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
-अनूप नौटियाल, अध्यक्ष, सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन
एक दिन में बैकलॉग की मौतें
जिला अस्पताल पिथौरागढ़-47
बेस हॉस्पिटल अल्मोड़ा-36
बेस अस्पताल कोटद्वार-32
बाबा नीम करौली हॉस्पिटल नैनीताल-12
सीएचसी लमगड़ा-01
एसएडी ढालूचिना-01
अल्मोड़ा के अन्य अस्पताल-05
पौड़ी-08
कोविड केयर हेल्थ सेंटर कोटेश्वर-21
जिला अस्पताल बागेश्वर-12
दून मेडिकल कॉलेज-01
सेना अस्पताल पिथौरागढ़-07
साई अस्पताल नैनीताल-08
सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी-02
विनय विशाल हेल्थ केयर हरिद्वार-25