क्षेत्रफल कम होने के बावजूद टॉप पर रहा कॉर्बेट
टाइगर रिर्जव - संख्या (वर्ष 2022) - क्षेत्रफल (वर्गकिमी)
कॉर्बेट (उत्तराखंड) - 260 - 1288.31
बंदीपुर (कर्नाटक) - 150 - 1456.30
नागरहोल (कर्नाटक) - 141 - 1205.76
बांघबगढ़ (मध्यप्रदेश) - 135 - 1536.93
दुधवा (उत्तरप्रदेश) - 135 - 2201.77
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कॉर्बेट में बढ़ाई जाएगी सोलर वाटर बॉडिज की संख्या
कॉर्बेट में बाघों के लिए वर्षभर पानी की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए वाटर बॉडिज का निर्माण किया गया है। कॉर्बेट के निदेशक धीरज पांडेय के अनुसार, आने वाले दिनों में पार्क क्षेत्र में सोलन वाटर बॉडिज की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा कुछ वाटर बॉडिज को भूमिगत पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा।
उत्तराखंड में बाघों का वासस्थल मध्य प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्रफल का 17 और कर्नाटक के 28 प्रतिशत क्षेत्रफल से कम है। इससे स्पष्ट है कि हमारे यहां बाघों के वास स्थल ज्यादा बेहतर स्थिति में हैं। - समीर सिन्हां, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, वन विभाग
इसमें कोई शक नहीं है कि कॉर्बेट में बाघों के हैबीटेट में सुधार हुआ है। इसके लिए वन विभाग की ओर से तमाम कदम उठाए गए हैं। बाघों को पर्याप्त मात्रा में भोजन- पानी मिले, इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चित्तल और सांभर बाघ का पसंदीदा भोजन है, कॉर्बेट में मौजूद 27 ग्रास लैंड और चौड़ बाघों को उनकी जरूरतें पूरी करते हैं। इसके अलावा पानी की कमी को दूर करने के लिए वाटर वॉडिज बनाई गई हैं। - धीरज पांडेय, निदेशक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व