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Uttarakhand: कॉर्बेट में प्राकृतिक वास में सुधार ने बढ़ाई बाघों की संख्या,आंकड़ों से उत्साहित विभाग के अधिकारी

Sun, 06 Aug 2023 01:40 PM IST
रेनू सकलानी विनोद मुसान, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

बाघों की संख्या में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। जबकि इस बार यह वृद्धि 12.5 तक पहुंची है। जो उत्तराखंड के लिए बड़ी कामयाबी है।कॉर्बेट के पाखरो क्षेत्र में जुलाई से सितंबर 2021 के मध्य टाइगर सफारी निर्माण के लिए विभिन्न वन परिसरों में अवैध निर्माण कार्य कराए गए थे।
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बाघ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पाखरो सफारी निर्माण की काली छाया से बाहर निकलता दिखाई दे रहा है। बीते दो सालों में हजारों पेड़ काटे जाने की बात सामने आने के बाद कहा जा रहा था कि कॉर्बेट में बाघों का प्राकृतिक वास (हैबीटेट) नष्ट हुआ है। लेकिन अखिल भारतीय बाघ गणना के आंकड़ाें ने इस तथ्य को झुठला दिया है।

बीते माह 29 जुलाई को अखिल भारतीय स्तर पर देशभर में राज्यवार बाघों की गणना के आंकड़े जारी किए गए। उत्तराखंड में बाघों की संख्या वर्ष 2018 में 442 के मुकाबले बढ़कर 560 हो गई। कुल 118 बाघ प्रदेश में बढ़े हैं। वहीं कॉर्बेट में बाघों की संख्या 231 से 260 पहुंच गई। उत्तराखंड वन विभाग के अधिकारी इन आंकड़ों से उत्साहित हैं।

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वन परिसरों में कराए गए थे अवैध निर्माण कार्य
इससे पूर्व वर्ष 2014 से 2018 के बीच यह वृद्धि 215 से 231 तक हुई थी। इस दौरान बाघों की संख्या में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। जबकि इस बार यह वृद्धि 12.5 तक पहुंची है। जो उत्तराखंड के लिए बड़ी कामयाबी है।कॉर्बेट के पाखरो क्षेत्र में जुलाई से सितंबर 2021 के मध्य टाइगर सफारी निर्माण के लिए विभिन्न वन परिसरों में अवैध निर्माण कार्य कराए गए थे।

बाद में इसी क्षेत्र में पेड़ों के कटान की बात भी सामने आई। लेकिन तमाम जांच एजेंसियां अभी तक इस बात का पता नहीं लगा पाई हैं कि यदि हजारों पेड़ काटे गए थे, तो उनकी लकड़ी और ठूंठ कहां गए। इससे बाघाें के हैबीटेट को भी खतरा बताया गया था। लेकिन अब जो एनटीसीए की रिपोर्ट सामने आई है, उससे बाघों के हैबीटेट में सुधार की बात सामने आई है।

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क्षेत्रफल कम होने के बावजूद टॉप पर रहा कॉर्बेट

टाइगर रिर्जव - संख्या (वर्ष 2022) - क्षेत्रफल (वर्गकिमी)

कॉर्बेट (उत्तराखंड) - 260 - 1288.31

बंदीपुर (कर्नाटक) - 150 - 1456.30

नागरहोल (कर्नाटक) - 141 - 1205.76

बांघबगढ़ (मध्यप्रदेश) - 135 - 1536.93

दुधवा (उत्तरप्रदेश) - 135 - 2201.77

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कॉर्बेट में बढ़ाई जाएगी सोलर वाटर बॉडिज की संख्या

कॉर्बेट में बाघों के लिए वर्षभर पानी की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए वाटर बॉडिज का निर्माण किया गया है। कॉर्बेट के निदेशक धीरज पांडेय के अनुसार, आने वाले दिनों में पार्क क्षेत्र में सोलन वाटर बॉडिज की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा कुछ वाटर बॉडिज को भूमिगत पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा।

उत्तराखंड में बाघों का वासस्थल मध्य प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्रफल का 17 और कर्नाटक के 28 प्रतिशत क्षेत्रफल से कम है। इससे स्पष्ट है कि हमारे यहां बाघों के वास स्थल ज्यादा बेहतर स्थिति में हैं। - समीर सिन्हां, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, वन विभाग

इसमें कोई शक नहीं है कि कॉर्बेट में बाघों के हैबीटेट में सुधार हुआ है। इसके लिए वन विभाग की ओर से तमाम कदम उठाए गए हैं। बाघों को पर्याप्त मात्रा में भोजन- पानी मिले, इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चित्तल और सांभर बाघ का पसंदीदा भोजन है, कॉर्बेट में मौजूद 27 ग्रास लैंड और चौड़ बाघों को उनकी जरूरतें पूरी करते हैं। इसके अलावा पानी की कमी को दूर करने के लिए वाटर वॉडिज बनाई गई हैं। - धीरज पांडेय, निदेशक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व

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