‘सुरक्षा की दृष्टि से गर्भवती होने की बात छिपाई’
इधर, बाघिन के शरीर में फंसे तार के फंदे को लेकर वन विभाग के अधिकारियों की ओर से उसकी सर्जरी किए जाने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब तक इस विषय में कोई फैसला नहीं लिया गया था। अब जाकर यह बात सामने आई है कि सुरक्षा की दृष्टि से बाघिन के गर्भवती होने की बात छिपाई गई थी। यही वजह है कि अब तक उसकी सर्जरी नहीं की गई। कॉर्बेट के निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बाघिन के शावकों को जन्म देने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बाघिन सामान्य जीवन जी रही है।
बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया है। बाघिन और शावक स्वस्थ हैं। चिकित्सकों की देखरेख में बाघिन को ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। बाघिन की उम्र करीब आठ वर्ष है। कुछ दिनों के बाद चिकित्सकों का पैनल जांच के बाद उसकी सर्जरी के बारे में निर्णय लेगा।
- डॉ. समीर सिन्हा, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखंड वन विभाग