...तब निदेशक कॉर्बेट ने कहा था कटेंगे मात्र 40 पेड़
13-14 जून 2022 को तत्कालीन प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) राजीव भरतरी ने प्रस्तावित टाइगर सफारी निर्माण से पहले मौके का निरीक्षण किया था। उस दौरान क्षेत्र में घना जंगल खड़ा पाया गया था। तब निदेशक कॉर्बेट पार्क ने बताया था कि टाइगर सफारी निर्माण के लिए मात्र 40 पेड़ों को काटने की आवश्यकता होगी। इस पर बाद में भरतरी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि यह कथन अविश्वसनीय प्रतीत होता है। भरतरी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि प्रथम दृष्टया यह स्थल टाइगर सफारी की स्थापना के लिए उचित नहीं है। इस क्षेत्र में बाघों का आवागमन होता है। एनटीसीए की टाइगर सफारी गाइड लाइन के अनुसार ऐसे क्षेत्रों को टाइगर सफारी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इससे बाघ के वास स्थल को क्षति पहुंच सकती है और बड़ी संख्या में पेड़ों का कटान होगा।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व जैसे जंगल के भीतर हजारों पेड़ों का अवैध कटान बेहद शर्मनाक बात है। इससे पता चला है कि इस मामले में पेड़ों का अवैध व्यापार हुआ है। पेड़ों को काटकर अवैध रूप से बेचा गया है, जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें सलाखों के पीछे होना चाहिए।
- गौरव बंसल, अधिवक्ता और वन्यजीव संरक्षणकर्ता