छांगुर ने देहरादून में धर्मांतरण का बड़ा जाल फैलाया था। रानीपोखरी में दर्ज हुए मुकदमे की तफ्तीश में प्रेमनगर की एक और युवती का नाम सामने आया है जिसे छांगुर के गुर्गों ने अपने प्रभाव में लिया था। मूल रूप से बरेली की इस युवती को इस्लाम में लाने के बाद छांगुर के गुर्गे उसे दुबई भेजने की तैयारी कर रहे थे। उसे इस्लाम की शिक्षा पाकिस्तान के मौलवियों से दिलवाई जा रही थी।
पाकिस्तानी ऑनलाइन लूडो के खेल में धर्म परिवर्तन का खेल
सुमैया ने पुलिस को बताया कि उसने गिरोह के कहने पर पाकिस्तानी मोबाइल एप लूडो स्टार डाउनलोड किया था। वह पाकिस्तान के लोगों के साथ लूडो खेलने लगी। इनसे उसकी बातें भी होने लगीं। बातों ही बातों में पाकिस्तानियों ने इस्लाम के बारे में बात करना शुरू किया। सुमैया की रुचि इस्लाम में है यह जानकार वह उसका स्वागत गर्मजोशी से करने लगे। उसे लगने लगा कि वह एक सेलिब्रिटी की तरह है। उसे इस बात से बेहद आनंद मिलने लगा। धीरे-धीरे उसका झुकाव इस्लाम की और ज्यादा हो गया। इस दौरान उसकी पहचान पाकिस्तान के रहने वाले मौलवी तनवीर अहमद से हुई जिसने उसे निशुल्क इस्लाम की शिक्षा देना शुरू कर दिया।
दून के सुलेमान ने किया सुमैया से संपर्क, पाक भिजवाए रुपये
मौलवी से सुमैया मुफ्त में शिक्षा नहीं लेना चाहती थी। इस पर उसकी पहचान सुलेमान से कराई गई। एसएसपी ने बताया कि सुलेमान देहरादून के कांवली का रहने वाला है और दुबई में रहता है। उसने सुमैया से कहा कि अगर उसने सीधे मौलवी के खाते में पैसे जमा किए तो वह शक के दायरे में आ जाएगी। ऐसे में उसने सुमैया से कहा कि भारत से कुछ और लोग भी मौलवी को रकम भेजना चाहते हैं। इन रुपयों को सुलेमान ने सुमैया के खाते में जमा कराया और उन्हें दुबई मंगवा लिया। यहां से सुलेमान ने मौलवी को पाकिस्तान में रुपये भेजे। एसएसपी ने बताया कि इस लेनदेन की पुष्टि भी विवेचना में हुई है।