उत्तराखंड बीजेपी ने पूर्व सीएम हरीश रावत पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया हैं। वहीं हरीश रावत ने बीजेपी से माफी मांगने की मांग की है। बीजेपी ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पेज पर एक रील अपलोड की है, जिसमें मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया गया है। इस पर हरीश रावत ने रील हटाने के साथ ही ऐसा न करने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है। साथ ही पार्टी ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, भाजपा फिर से झूठ का सहारा ले रही है। इस बार मैंने तय किया कि प्राण तो चले जाएंगे, मगर भाजपा के झूठ का पर्दाफाश करूंगा। भाजपा के झूठ की हांडी को इस बार हम किसी भी कीमत पर चढ़ने नहीं देंगे। 2027 के चुनाव में भाजपा को निश्चित रूप से हार झेलनी पड़ेगी।
हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा, झूठ का सहारा लेकर जनता के सवालों से ध्यान हटाने का भाजपा का खेल अब नहीं चलेगा। कहा कि इसके लिए कुछ कदम व्यक्तिगत तौर पर उठाऊंगा और कुछ पार्टी अध्यक्ष गणेश गोदियाल से परामर्श कर पार्टी स्तर पर उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के साथ चर्चा के बाद भाजपा के झूठ के खिलाफ उठाए जाने वाले अपने कदमों की घोषणा करूंगा। हरीश रावत ने कहा, भाजपा में रबड़ स्टांप वाले ज्यादा है। लेकिन कांग्रेस में निचले स्तर से कार्यकर्ता शीर्ष तक पहुंचते हैं।
ये भी पढे़ं...Chamoli: स्कूल पहुंचा भालू...भयभीत बच्चे कमरों में छिपे बच्चे, दरवाजा तोड़ एक मासूम पर हमला कर उठा ले गया
भाजपा का झूठ, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड के लोगों का ध्यान समस्याओं व जनकल्याण से जुड़े सवालों से हटाना है। यही वजह है कि प्रदेश के लोगों को पिछले नौ साल से कुशासन भोगना पड़ रहा है। प्रदेश में पलायन, मानव-वन्य जीव संघर्ष से हो रही मौत, बढ़ती बेरोजगारी, असंतुलित राज्य का विकास, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार भाजपा के झूठ का परिणाम है। वन्यजीवों के बंध्याकरण का निर्णय उचित है। लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं निकलेगा। राज्य के जंगलों में क्षमता से ज्यादा भालू, बंदर, लंगूर, गुलदार, बाघ हो गए हैं। ऐसे वन्य जीवों को कम वन पशु वाले राज्यों के जंगलों में भेजा जाना चाहिए।