एमडीडीए में टेंडर प्रक्रिया के दौरान इलाके के लिए ठेकेदारों ने कार्यालय को जंग का मैदान बना दिया। आरोप है कि देहरादून क्षेत्र के टेंडरों में स्थानीय ठेकेदारों को ही भाग नहीं लेने दिया गया। इसका उन्होंने विरोध किया तो दूसरे क्षेत्र के ठेकेदारों ने मारपीट शुरू कर दी। इसमें एमडीडीए कार्यालय के कांच भी टूट गए। इस पर उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने तत्काल प्रभाव से सारे टेंडर ही निरस्त कर दिए। इसके बाद वीडियो के माध्यम से मारपीट करने वाले ठेकेदारों की पहचान कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए हैं।
उत्तराखंड में पंजीकृत ठेकेदार प्रदेश के किसी भी हिस्से में काम कर सकता है। बशर्ते वह विभाग में पंजीकृत हो लेकिन मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) क्षेत्र को ठेकेदारों ने एक अघोषित अनुबंध के तहत बांटा है। इसमें देहरादून क्षेत्र के टेंडर में देहरादून के स्थानीय ठेकेदार भाग लेंगे। जबकि, ऋषिकेश और विकासनगर क्षेत्र के कामों के लिए इन क्षेत्रों के ठेकेदार टेंडर भर सकते हैं। एमडीडीए कार्यालय में शुक्रवार को टेंडर प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान पता चला कि विकासनगर क्षेत्र के कुछ ठेकेदारों ने देहरादून क्षेत्र के कामों के टेंडर भर दिए और उन्हें इसमें भाग नहीं लेने दिया।
इस पर विवाद इतना बढ़ा कि बात मारपीट तक पहुंच गई। नाराज ठेकेदार वहां से चले आए। इसकी शिकायत उन्होंने एमडीडीए प्रबंधन से कर दी। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि इस विवाद के बाद सभी टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। इसका वीडियो भी प्रबंधन को मिला है। इनमें जो ठेकेदार मारपीट करते दिख रहे हैं उन्हें काली सूची में डाला जाएगा। इनका भविष्य में एमडीडीए में पंजीकरण नहीं होगा। इस संबंध में अधीनस्थों को निर्देशित कर दिया गया है।