कृषि के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए सरकार युवा बेरोजगारों का स्वयं सहायता समूह बनाकर उन्हें कांट्रेक्ट फार्मिंग से जोड़ेगी। इससे पहले युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसका खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी। शुक्रवार को बीजापुर हाउस में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ये निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत युवाओं को 20 हजार रुपये की सहायता सीड मनी के रूप में दी जाएगी। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह द्वारा कार्य शुरू करने पर डेढ़ लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाई गई लीजिंग पॉलिसी इसमें कारगर साबित हो सकती है। बताया कि सर्वप्रथम राज्य के युवाओं को खेती के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। इस योजना के अंतर्गत जैविक खेती को ही शामिल किया जाए।
कृषि, बागवानी, दुग्ध उत्पादन, रेशम उत्पादन, फूलों की खेती आदि को भी इससे जोड़ा जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव एस रामास्वामी, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, भूपिन्दर कौर औलख, अरविंद ह्यांकी आदि मौजूद थे।