अब वायु मंडल में प्रदूषण का स्तर सामने नजर आएगा। जैसे ही माहौल में आरएसपीएम की मात्रा बढ़ेगी या घटेगी, इसका पता चल सकेगा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश के बड़े शहरों में ‘कंटीन्युअस एयर मॉनीटरिंग सिस्टम’ लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। पहला सिस्टम दून में लगाने का प्रस्ताव फाइनल हो गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की सर्वेक्षण रिपोर्ट में सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की सूची में देहरादून का नाम आने के बाद सीपीसीबी ने प्रदेश के बड़े शहरों की एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग के निर्देश दिए हैं। इसके तहत ‘कंटीन्युअस एयर मॉनीटरिंग सिस्टम’ लगाए जाएंगे। अभी यह सिस्टम दिल्ली, लखनऊ आदि कई बड़े शहरों में लगे हुए हैं।
सिस्टम लगने पर हवा में प्रदूषण फैलाने वाले कणों की संख्या स्क्रीन पर नजर आती रहती है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह सिस्टम लगाने के लिए राजधानी में आधा दर्जन स्थान चिह्नित किए थे। अंत में घंटाघर के पास एमडीडीए पार्किंग की जगह सिस्टम लगाने के लिए फाइनल हो गई है। यहां का प्रस्ताव भी तैयार हो गया है।
इसे केंद्र को भेजा जा रहा है। देहरादून के बाद ऊधमसिंहनगर, हल्द्वानी, नैनीताल, हरिद्वार में भी यह सिस्टम लगाने की योजना है। इसके साथ ही सीपीसीबी के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नए सिरे से स्टेट एनवायरमेंट रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इसके पहले वर्ष 2004-5 में रिपोर्ट बनी थी। प्रदूषण की ताजा स्थिति के लिहाज से रिपोर्ट फिर तैयार की जा रही है।
Published By : Nirmala Suyal