इंश्योरेंस कंपनी ने एक महिला को उसकी बीमा राशि देने से इंकार किया तो महिला को गुस्सा आ गया। इसके बाद महिला ने ऐसा काम किया कि अब कंपनी को उसे ब्याज सहित पूरा भुगतान करना पड़ेगा।
दरअसल, पीड़ित को बीमा भुगतान करने से इनकार करने के मामले में शुक्रवार को न्यायालय जिला उपभोक्ता फोरम ने अपना फैसला सुनाया। फोरम ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाख नगरासू को एक माह के भीतर साढ़े चार लाख रुपये पीड़ित को भुगतान के निर्देश दिए है।
पीड़ित शशि देवी मामले में उपभोक्ता फोरम अदालत में जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष हरीश कुमार गोयल ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपना निर्णय सुनाया। पीड़ित शशि देवी के अनुसार उसके पति स्व. सत्य प्रसाद पुत्र विश्रामदत्त का संयुक्त रूप से एसबीआई नगरासू में बैंक खाता था। यह खाता एसबीआई जनरल इंश्योरेंस की ओर से बीमित था।