भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने आरोप लगाया कि विपक्ष रोहिंग्या मुसलमानों को वोट बैंक बनाना चाहता है। इसलिए नागरिक संशोधन कानून (सीएए) का विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा उसके विरोध का क्या मतलब हो सकता है।
भट्ट प्रदेश पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। सीएए का समर्थन करते हुए भट्ट ने कहा कि ये कानून नागरिकता देने के लिए है, नागरिकता लेने के लिए नहीं है। लेकिन विपक्ष इसे एनआरसी के रूप में प्रचारित कर भ्रम की स्थिति पैदा करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि एनआरसी देश में केवल असम में लागू है। उन्होंने 1985 में असम गण परिषद से तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बीच एनआरसी को लेकर हुए समझौते का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। भट्ट ने कहा कि शरणार्थी और घुसपैठियों में फर्क करना होगा।
ये कानून उन हिंदू, सिक्ख, ईसाई और पारसी शरणार्थियों के लिए है, जिन्हें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धर्म के आधार पर प्रताड़ना दी गई और वे इस जुल्म से बचने को हमारे देश में शरण लेने दशकों पहले आ गए थे और आज भी शरणार्थियों का जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ये कानून उन रोहिंग्या मुसलमानों के लिए नहीं है, जिन्होंने आतंकवाद और देश को अस्थिर करने के लिए देश में घुसपैठ की। सीएए को लेकर विपक्ष जो भ्रम का वातावरण बनाने की कोशिश कर रहा है, उसका जवाब देने के लिए भाजपा घर-घर जाकर लोगों को सच्चाई बताएगी।