आधी रात में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक को हटाए जाने के विरोध में प्रदेश कांग्रेस शुक्रवार को सीबीआई में दफ्तर के बाहर सुबह 11 बजे प्रदर्शन करने का फैसला किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि राफेल डील के खेल के चलते सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को हटाया गया।
उन्होंने कहा कि वर्मा को जिस ढंग से रातों रात हटाया गया, वह सीधे-सीधे लोकतंत्र पर प्रहार है। सरकार ने नियम कायदे ताक पर रख दिए। प्रीतम ने कहा कि वर्मा को इसलिए हटाया गया, क्योंकि इससे राफेल विमान खरीद के तार जुड़ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो केंद्र सरकार के जरा भी विपरीत जाता है, उसके खिलाफ जांच बैठा दी जाती है। इस मामले में प्रधानमंत्री सवालों के घेरे में खड़े हैं। कांग्रेस के लोगों का दायित्व बनता है, इसके विरोध में आवाज उठाए।
कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा बोहरा दसौनी ने सीबीआई के दोनों अधिकारियों को लंबी छुट्टी पर भेजना जनता को भ्रमित करने की कोशिश है। केंद्र सरकार राफेल विमान डील से ध्यान हटाने के लिए सारी हदें लांघ रही है।
सीबीआई के हाथों को बांधने की कोशिश है- धस्माना
पार्टी के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को लंबी छुट्टी पर भेजने पर आश्चर्य जताया। इसे सीबीआई के हाथ बांधने की कोशिश करार देते हुए उन्होंने कहा कि इसका मूल कारण राफेल विमान की खरीद की सीबीआई जांच है।
ऐसा लगता है कि सीबीआई निदेशक वर्मा उस दिशा में आगे बढ़ रहे थे। लेकिन सरकार उससे सहमत नहीं थी। केंद्र सरकार का कदम स्वायत्तशासी संस्थाओं को ध्वस्त करने का प्रयास है। कांग्रेस इसमें चुप नहीं बैठेगी।