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सोनिया गांधी के 'सपने' को गांव पहुंचाने की तैयारी

Mon, 09 Sep 2013 12:13 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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2014 के लोक सभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस की कोशिश अब अपने एक-एक पदाधिकारी को खाद्य सुरक्षा अभियान की पूरी जानकारी से लैस करने की है।
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इसके लिए बाकायदा केंद्रीय मंत्रियों को राज्यों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इसी अभियान के चलते आठ सितंबर को दून में कांग्रेस के कई नेता और केंद्रीय मंत्री जुट रहे हैं।

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यह अलग बात है कि आपदा से घिरे उत्तराखंड में फिलहाल कांग्रेस संगठन में राहत को लेकर इस तरह की तत्परता देखने को नहीं मिल रही है।

कांग्रेस की कार्यशाला
खाद्य सुरक्षा पर आठ सितंबर को दून में हो रही कार्यशाला में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री आस्कर फर्नांडिज मुख्य रुप से शामिल हो रहे हैं।

गढ़वाल मंडल के करीब एक हजार कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा अधिनियम की जानकारी देने के लिए ही कांग्रेस इस कार्यशाला का आयोजन कर रही है।
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आपदा से घिरे उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा को प्रोजेक्ट करने में जुटी कांग्रेस फिलहाल राहत और पुनर्निर्माण के एजेंडे को उठाती हुई नहीं दिख रही है। राहत के सवाल को बड़ी सादगी से सरकार के पाले में सरका कर चुप्पी ओढ़ ली जा रही है।

गांव-गांव तक खाद्य सुरक्षा अभियान
शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब इस कार्यक्रम के संयोजक और प्रदेश महामंत्री विजय सारस्वत ने कहा कि कार्यशाला के जरिए प्रदेश में गांव-गांव तक खाद्य सुरक्षा अभियान की सही जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

इसी तरह की कार्यशाला 29 सितंबर को रुद्रपुर में होगी। वार्ता में कांग्रेस प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप, टास्क फोर्स के संयोजक योगेंद्र खंडूरी और अन्य कांग्रेसी शामिल थे।

इनकी भी सुनिए
यह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। आठ सितंबर की कार्यशाला में खाद्य सुरक्षा अधिनियम की पूरी जानकारी कांग्रेस पदाधिकारियों को दी जाएगी जिससे गांव तक के स्तर पर इस कार्यक्रम को प्रभावी बनाया जा सके।
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- विजय सारस्वत, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री और कार्यक्रम प्रभारी

इस अधिनियम से कई करोड़ लोग लाभांवित होंगे। अंत्योदय और बीपीएल परिवारों को 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता था। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम अनाज का प्रावधान है। ऐसे में नया अधिनियम लागू होने से कई परिवारों को नुकसान हो रहा था। अब केंद्र ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 35 किलोग्राम अनाज तो मिलेगा ही। इसी तरह के संशय हैं जिनको कार्यशाला में दूर किया जाएगा।
- सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष
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